अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति कैनेडी और लिंकन
अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति कैनेडी और लिंकन

वॉशिंगटन/दक्षिण भारत। क्या जीवन में संयोग, पूर्वाभास और किस्मत जैसी कोई चीज होती है? इस सवाल पर हर किसी के अलग जवाब हो सकते हैं लेकिन कई बार ऐसी घटनाएं हो जाती हैं जो हमें इन पर सोचने के लिए मजबूर कर देती हैं।

हाल में संपन्न अमेरिकी राष्ट्रपति चुनावों के बाद व्हाइट हाउस एक बार फिर चर्चा में है। माना जाता है कि कई अच्छी-बुरी घटनाओं की गवाह रही यह इमारत अभी तक कुछ पूर्व राष्ट्रपतियों के साये से बाहर नहीं निकल पाई है।

बतौर राष्ट्रपति यहां रहे कुछ लोगों के जीवन में तो इतनी समानता रही कि उनके बारे में पढ़कर आश्चर्य होता है। खासतौर से अब्राहम लिंकन और जॉन एफ कैनेडी ऐसे राष्ट्रपति रहे जिनकी ज़िंदगी और मौत पर रहस्य का कोहरा छाया है।

अब्राहम लिंकन 1860 में राष्ट्रपति चुने गए, तो कैनेडी 1960 में, इससे पहले लिंकन 1846 में कांग्रेस के लिए चुने गए और कैनेडी 1946 में। दोनों के अंतिम नामों (‘लिंकन’ और ‘कैनेडी’) में सात-सात अक्षर हैं।

दोनों ने उस समय शादी की जब वे अपने जीवन के तीसरे दशक में थे। यही नहीं, उन्होंने जिन महिलाओं से शादी की, वे अपने जीवन के दूसरे दशक में थीं। व्हाइट हाउस में रहते हुए दोनों ने ही अपने एक बेटे को खो दिया। जब लिंकन का बेटा विलियम 11 साल का था, उसकी मृत्यु हो गई। वहीं, जब कैनेडी का बेटा बहुत छोटा था, तभी उसका देहांत हो गया। दोनों के बेटों के नाम विलियम वालेस लिंकन और पैट्रिक बाउवियर कैनेडी में 21 अक्षर हैं।

दोनों (लिंकन और कैनेडी) को गोली भी शुक्रवार को मारी गई। लिंकन को गुड फ्राइडे, 14 अप्रैल, 1865 को निशाना बनाया गया, तो कैनेडी को शुक्रवार, 22 नवंबर, 1963 को गोली मार दी गई। दोनों को ही सिर में गोली मारी गई। दोनों को उनकी पत्नी की मौजूदगी में गोली मारी गई थी। दोनों के ही हत्यारों का ताल्लुक अमेरिका के दक्षिणी भाग से था।

दोनों की मौत के बाद उनके उत्तराधिकारियों के नाम में भी गहरी समानता थी। लिंकन के बाद एंड्रू जॉनसन ने कुर्सी संभाली और कैनेडी के बाद लिंडन बी. जॉनसन उत्तराधिकारी बने। इन दोनों का ताल्लुक भी दक्षिणी भाग से था। दोनों का जन्म आठ की साल में हुआ। एंड्रू जॉनसन 29 दिसंबर, 1808 में जन्मे और लिंडन बी. जॉनसन 27 अगस्त, 1908 को।

दोनों पूर्व राष्ट्रपतियों के हत्यारों के नामों में भी अद्भुत समानता थी। जॉन विल्किस बूथ और ली हार्वे ओसवाल्ड के नाम में 15-15 अक्षर हैं। दोनों ही अदालती प्रक्रिया से पहले मारे गए।