सांकेतिक चित्र
सांकेतिक चित्र

कराची/भाषा। पाकिस्तान के सिंध प्रांत में सशस्त्र हमलावरों ने 24 साल की एक हिंदू लड़की को उसके विवाह मंडप से अगवा कर लिया और उसे इस्लाम में जबरन धर्मांरित कर उसकी शादी एक मुस्लिम व्यक्ति से करा दी। सिंध के अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री हरिराम किशोरी ने मंगलवार को घटना का संज्ञान लिया जो पिछले हफ्ते सिंध प्रांत में मटियारी जिले के हाला कस्बे में हुई थी। उन्होंने पुलिस से रिपोर्ट मांगी है।

ऑल पाकिस्तान हिंदू काउंसिल (एपीएचसी) ने रविवार को कहा कि भारती बाई को पिछले सप्ताह उसके विवाह स्थल से अपहृत किया गया और उसे इस्लाम में जबरन धर्मांतरित कर उसकी शादी शाहरुख गुल से करा दी गई। भारती के पिता किशोर दास ने बताया कि उनकी बेटी की उम्र 24 साल है। स्थानीय खबरों के अनुसार हथियारबंद लोगों ने लड़की को अगवा किया जिनमें से कुछ पुलिस की वर्दी में थे।

इस बीच, गुल ने सोशल मीडिया पर दस्तावेजों की तस्वीरें डाली हैं जिनमें बताया गया है कि भारती का दिसंबर 2019 में धर्मांतरण हुआ था और उसने बुशरा नाम रख लिया था। दस्तावेजों के अनुसार बनोरी कस्बे के जमीयत-उल-उलूम इस्लामिया में धर्मांतरण किया गया। पुलिस इस बात की तफ्तीश कर रही है कि क्या लड़की प्रमाणपत्र में अंकित तारीखों के आसपास कराची गई थी।

उधर, भारत ने घटना का कड़ा संज्ञान लेते हुए मंगलवार को नई दिल्ली में पाक उच्चायोग के एक वरिष्ठ अधिकारी को तलब किया और कड़े शब्दों में आपत्ति पत्र जारी किया। इसने पाकिस्तान सरकार से यह भी कहा कि वह मामले की जांच करे और अल्पसंख्यक हिन्दू समुदाय सहित अपने नागरिकों की रक्षा एवं सुरक्षा तथा कल्याण सुनिश्चित करने के लिए तत्काल कार्रवाई करे।

भारत ने पाकिस्तान से घृणित और जघन्य अपराध के दोषियों को तुरंत न्याय के कठघरे में लाने के लिए त्वरित कदम उठाने को कहा। इस बारे में एक आधिकारिक सूत्र ने कहा, भारत ने पाकिस्तान उच्चायोग के एक वरिष्ठ अधिकारी को तलब किया और सिंध प्रांत के हाला शहर में 25 जनवरी को स्थानीय पुलिस की मदद से विवाह समारोह से एक हिंदू लड़की के अपहरण पर कड़े शब्दों में आपत्ति पत्र जारी किया।

भारत ने सिंध प्रांत के थारपरकर में 26 जनवरी को माता रानी भटियानी मंदिर में हुई तोड़फोड़ की घटना को लेकर भी आपत्ति पत्र जारी किया।