मुर्गे की रस्सी खोलता पुलिसकर्मी। साथ ही पाकिस्तान के एक टीवी चैनल पर ब्रेकिंग न्यूज़। यहां उर्दू में लिखा है: घोटकी, 8 माह से थाने में कैद मुर्गा अदालती अहकाम पर रिहा।
मुर्गे की रस्सी खोलता पुलिसकर्मी। साथ ही पाकिस्तान के एक टीवी चैनल पर ब्रेकिंग न्यूज़। यहां उर्दू में लिखा है: घोटकी, 8 माह से थाने में कैद मुर्गा अदालती अहकाम पर रिहा।

कराची/दक्षिण भारत। पाकिस्तान में एक मुर्गा करीब आठ माह बाद पुलिस हिरासत से ‘रिहा’ हुआ है। स्थानीय मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, यह मुर्गा घोटकी पुलिस की हिरासत में था, जिसे अब आज़ाद कर दिया गया है।

बताया गया है कि पुलिस ने आठ महीने पहले इस ‘लड़ाकू’ मुर्गे को उसके मालिक ज़फ़र मिरानी के साथ पकड़ा ​था। ज़फ़र पर आरोप है कि उसने मुर्गों की लड़ाई से संबंधित कानून का उल्लंघन किया है।

मामले में, ज़फ़र को तो कुछ दिन बाद जमानत मिल गई थी लेकिन मुर्गा पुलिस की पकड़ से आज़ाद नहीं हो पाया और उसे ‘हवालात’ में दिन गुजारने पड़े। ज़फ़र को भी मुर्गा इतना प्यारा था कि उसकी रिहाई के लिए उसने अदालत में अर्जी दाखिल की।

आखिरकार, करीब आठ महीने तक कानूनी लड़ाई लड़ने के बाद अदालत ने फैसला ज़फ़र के पक्ष में सुनाया और उसे मुर्गा सौंप दिया गया। पाकिस्तान में सोशल मीडिया पर यह मामला छाया हुआ है और लोग सरकार एवं न्यायपालिका पर व्यंग्य कर रहे हैं।

यह भी कहा जा रहा है कि मुर्गे की किस्मत अच्छी थी जो पाकिस्तानी पुलिस की गिरफ्त से ज़िंदा बाहर आ गया, चूंकि वहां ‘सुरक्षित’ रहने की संभावना बहुत कम थी।