रूसी मीडिया में आई वैक्सीन की तस्वीर। फोटो: RT
रूसी मीडिया में आई वैक्सीन की तस्वीर। फोटो: RT

मास्को/दक्षिण भारत। रूस द्वारा विकसित की गई कोरोना वायरस वैक्सीन उपकरणों की कमी का सामना कर रही है, जिससे इसके बड़ी मात्रा में उत्पादन में देर हो सकती है। स्थानीय मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, उक्त कमी के कारण वैक्सीन का क्लिनिकल ट्रायल रोका गया है।

मास्को में 25 ट्रायल क्लिनिकों में से आठ में कर्मचारियों ने कहा कि उन्होंने स्पूतनिक वी से नए स्वयंसेवकों के टीकाकरण को अस्थायी रूप से रोक दिया है। उनमें से कुछ कह रहे हैं कि उन्होंने आवंटित खुराक का उपयोग किया था।

एक प्रतिनिधि ने बताया कि व​ह अपेक्षा करता है कि लगभग 10 नवंबर तक टीकाकरण फिर से शुरू हो जाएगा। वहीं, राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन भी कह चुके हैं कि एकमात्र सवाल अब औद्योगिक उत्पादन की आवश्यक मात्रा सुनिश्चित करना है। उन्होंने कहा कि बड़े पैमाने पर उत्पादन के लिए जरूरी उपकरणों की कमी या उपलब्धता से संबंधित कुछ समस्याएं हैं।

स्पूतनिक वी को विकसित करने वाले गामाले रिसर्च इंस्टीट्यूट ऑफ एपिडेमियोलॉजी एंड माइक्रोबायोलॉजी ने कहा कि उसने दूसरे घटकों पर ध्यान केंद्रित करने के लिए नए स्वयंसेवकों के टीकाकरण को धीमा कर दिया, जो पहले 21 दिनों के बाद इंजेक्ट किए जाते हैं।

मॉस्को के डिप्टी मेयर ने कहा कि 10,000 स्वयंसेवकों ने अब तक दोनों घटकों को प्राप्त किया है, जिसके बाद उनमें से किसी में भी ‘गंभीर’ साइड इफेक्ट का अनुभव नहीं किया गया।