थ्री गोरजेस डैम
थ्री गोरजेस डैम

बीजिंग/दक्षिण भारत। कोरोना वायरस के प्रसार से पूरी दुनिया के लिए मुसीबत बने चीन ने एकसाथ कई मोर्चे खोल दिए हैं, जो अब उसी के लिए मुसीबत बनते जा रहे हैं। भारत से सैन्य भिड़ंत और जवाब में जोरदार चोट, हांगकांग ​में फिर से आक्रोश उभरने के साथ ही अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप भी इस दंभी ड्रैगन को घेरने का कोई मौका नहीं छोड़ रहे। महामारी के कारण चीन पहले ही चौतरफा निंदा का पात्र बना हुआ है।

अब समाचार है कि एक और आपदा उसके लिए भारी तबाही ला सकती है। बता दें कि इन दिनों भारी बारिश के कारण चीन के कई इलाके बाढ़ से जूझ रहे हैं। इस बीच, सिचुआन में गुरुवार को आए भूकंप ने भूस्खलन की आशंका बढ़ा दी है। इससे वहां के थ्री गोरजेस डैम को नुकसान हो सकता है।

यह चीन स्थित दुनिया के उन बांधों में शामिल है जो बहुत बड़े और काफी भराव क्षमता वाले हैं। बारिश के कारण इस बांध में पहले ही काफी पानी जमा हो चुका है। चीन के ही एक भूकंपविज्ञानी फेंग तियान लाओ वांग ने यह भविष्यवाणी कर लोगों को चिंता में डाल दिया है कि दो जुलाई को भूकंप आएगा जिससे थ्री गोरजेस डैम प्रभावित होगा। हालांकि उन्होंने राहत की एक बात यह भी कही कि इसी दिन यांग्त्ज़ी नदी के बेसिन की बाढ़ खत्म हो जाएगी। उनकी भविष्यवाणी के अनुसार, ‘तबाही’ द्वारा बेसिन पर हमले के मद्देनजर क्षेत्र के निवासियों को इसके लिए तैयार रहना चाहिए।

चीन में भारी बारिश कहर बरपा रही है। उसके मौसम विज्ञान विभाग ने चेातवनी जारी की कि दो जुलाई को भारी बारिश होगी। वहीं, फेंग तियान की भविष्यवाणी के अनुसार भूकंप भी आया। हालांकि, यह 3.2 तीव्रता का भूकंप था जिसके झटके सिचुआन प्रांत सहित कई इलाकों में महसूस किए गए। फेंग तियान की भविष्यवाणी के अनुसार अभी तक बांध को तो कोई नुकसान होने के समाचार नहीं हैं लेकिन विशेषज्ञों का मानना है कि भारी बारिश के असर से भूस्खलन जैसी चुनौतियां बढ़ सकती हैं।

सत्तारूढ़ चीनी कम्युनिस्ट पार्टी से छत्तीस का आंकड़ा रखने वाले फेंग तियान ने 30 जून को भविष्यवाणी की थी कि इस साल जो बाढ़ आएगी, उसे देखकर लोगों को 1998 की भयंकर बाढ़ की याद आ जाएगी। उनका कहना है कि यांग्त्ज़ी नदी के ऊपरी हिस्से में भूकंप के कारण छोटे बांधों में से एक पर ध्वस्त होने का खतरा मंडरा रहा है। अगर ऐसा हुआ तो इसके नतीजे बहुत भयानक हो सकते हैं, चूंकि एक बांध टूटा तो इसका प्रभाव दूसरे बांध पर भी हो सकता है, जो तबाही को और ज्यादा बढ़ा सकता है। अगर पानी का बहाव आबादी के इलाकों में हुआ तो चीनी नेतृत्व के लिए हालात पर काबू पाना बूते से बाहर हो जाएगा।