कोरोना वायरस की उत्पत्ति की जांच करने आया डब्ल्यूएचओ का दल वुहान के एक और अस्पताल पहुंचा

फोटो: PixaBay
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वुहान/एपी। कोरोना वायरस की उत्पत्ति के बारे में जांच करने आया विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) का दल शनिवार को अपने दूसरे कार्यदिवस पर वुहान के एक अन्य अस्पताल में पहुंचा जहां महामारी की शुरुआत में कोरोना वायरस के मरीजों का उपचार किया गया था।

जिनयांतन अस्पताल शहर के उन चुनिंदा अस्पतालों में से एक है जहां 2020 की शुरुआत में अज्ञात वायरस से पीड़ित लोगों का इलाज किया गया था।

दल ने शुक्रवार को चीन के वैज्ञानिकों के साथ मुलाकात की थी और वुहान के उस अस्पताल का दौरा किया, जहां चीन के मुताबिक एक वर्ष पहले कोविड-19 के पहले मरीज का उपचार किया गया था। यह दल आगामी दिनों में वुहान में कई स्थानों का दौरा करेगा।

डब्ल्यूएचओ के दल में पशु स्वास्थ्य, विषाणु विज्ञान, खाद्य सुरक्षा एवं महामारी विशेषज्ञ शामिल हैं। चीन के मुताबिक, कोरोना वायरस संक्रमण के पहले मरीज का इलाज ‘हुबेई इंटिग्रेटेड चाइनीज एंड वेस्टर्न मेडिसीन हॉस्पिटल’ में हुआ था। यहां कोविड-19 का पहला मामला 27 दिसंबर 2019 को सामने आया था।

डब्ल्यूएचओ ने बृहस्पतिवार को ट्विटर पर कहा था कि दल अस्पतालों तथा हुनान सीफूड मार्केट, वुहान इंस्टीट्यूट ऑफ वायरोलॉजी एवं वुहान सेंटर फॉर डिसीज कंट्रोल की प्रयोगशालाओं जैसे उन स्थानों पर भी जाएगा जो कोरोना वायरस के पहले-पहल मामलों से संबंधित हैं।

हालांकि वैज्ञानिकों के केवल एक दौरे से वायरस की उत्पत्ति के बारे में कुछ भी पता लगाना कठिन है। उसने कहा कि दल ने इस महामारी से संबंधित विस्तृत डेटा मांगा है तथा वह कोविड-19 के शुरुआती मरीजों और उनका इलाज करने वालों से भी मुलाकात करेगा

चीन आने के बाद से 14 दिन के लिए यह दल पृथक-वास में था, बृहस्पतिवार को उनकी पृथक-वास की अवधि समाप्त हुई।