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तमिलनाडु: स्कूली छात्रा की मौत मामले में उग्र हुए प्रदर्शनकारी, कल्लाकुरिची में कर्फ्यू
पुलिस और स्कूल वाहनों को पहुंचाया नुकसान
 
पथराव में कई पुलिसकर्मी घायल

कल्लाकुरिची/दक्षिण भारत। तमिलनाडु में चिन्नासलेम के निकट कनियामूर में रविवार सुबह एक निजी आवासीय स्कूल के सामने सैकड़ों लोग इकट्ठे हो गए, जिन्होंने 12वीं कक्षा की छात्रा की मौत के मामले में इन्साफ की मांग की।

प्रदर्शनकारियों ने पुलिस और स्कूल के वाहनों को नुकसान पहुंचाया, जिससे यहां बवाल जैसे हालात हो गए। लोगों ने संस्था परिसर के अंदर खड़ी बसों में आग लगा दी गई। उन्होंने पुलिसकर्मियों पर पथराव किया। पुलिस बस में भी आग लगा दी।

मामले की गंभीरता को देखते हुए जिला कलेक्टर पीएन श्रीधर ने कल्लाकुरिची तालुक और चिन्नासलेम तालुक के कुछ हिस्सों में धारा 144 के तहत 31 जुलाई तक रोक लगाने के आदेश जारी किए हैं। घटना स्थल के वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुए हैं, जिनमें देखा गया कि स्कूल से धुंआ उठ रहा है। माना जा रहा है कि प्रदर्शनकारियों ने फर्नीचर में आग लगा दी थी।

क्या है मामला?
13 जुलाई की सुबह कुड्डालोर जिले के पेरियानसलूर गांव की रहने वाली आर श्रीमती (17) स्कूल के छात्रावास परिसर में मृत पाई गई। स्कूल कल्लाकुरिची जिले के चिन्नासलेम के पास कनियामूर में स्थित है। 12वीं कक्षा की छात्रा श्रीमती छात्रावास में रह रही थी।

छात्रावास की तीसरी मंजिल के कमरे में रहने वाली इस लड़की पर संदेह था कि उसने वहां से छलांग लगाकर आत्महत्या कर ली। हालांकि पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में कथित तौर पर संकेत दिया गया कि उसकी मौत से पहले उसे चोटें आई थीं। घटना के बाद से श्रीमती के परिजन और गांव के लोग कल्लाकुरिची में स्कूल और सरकारी अस्पताल के बाहर लगातार विरोध प्रदर्शन में शामिल रहे हैं।

20 से ज्यादा पुलिसकर्मियों को चोटें
प्रदर्शनकारियों ने स्कूल की ओर जाने वाली सड़क पर वाहनों का प्रवेश अवरुद्ध कर दिया था। उन्होंने पथराव शुरू कर दिया, जिससे प्रशासन को यहां तक पहुंचने में खासी मशक्कत का सामना करना पड़ा। घटना में 20 से ज्यादा पुलिसकर्मियों को चोटें आईं। उन्हें वहीं प्राथमिक उपचार उपलबब्ध कराया गया। जिन्हें ज्यादा चोटें लगीं, उन्हें निकटतम अस्पताल ले जाया गया। हालात पर काबू पाने के लिए विल्लुपुरम, कुड्डालोर और सलेम जिलों से अतिरिक्त पुलिस बल बुलाया गया।

विल्लुपुरम रेंज के उप महानिरीक्षक एम पांडियन, कल्लाकुरिची एसपी सेल्वाकुमार और विल्लुपुरम एसपी एन श्रीनाथ के नेतृत्व में पुलिस बल को भी तैनात किया गया।

मुख्यमंत्री की अपील
मुख्यमंत्री एमके स्टालिन ने ट्विटर पर कल्लाकुरिची की स्थिति के बारे में खेद व्यक्त किया। लड़की की मौत के जिम्मेदार लोगों को सजा का आश्वासन देते हुए उन्होंने यह भी कहा कि गृह सचिव और पुलिस महानिदेशक को घटना स्थल पर जाने का आदेश दिया है। जनता को सरकार की कार्रवाई पर भरोसा रखते हुए शांति बनाए रखनी चाहिए।

हिंसा की तो कड़ी कार्रवाई
पुलिस महानिदेशक सी शैलेंद्र बाबू ने लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की। उन्होंने हिंसा करने वालों को कार्रवाई की चेतावनी दी। चेन्नई में संवाददाताओं से कहा कि हिंसा में शामिल लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

शव लेने से इन्कार
पोस्टमार्टम पूरा होने के बाद छात्रा के शव को अस्पताल में रखा गया है क्योंकि परिजन विरोध जताते हुए इसे लेने से इनकार कर रहे हैं। उनकी मांग है कि मौत के जिम्मेदार को गिरफ्तार किया जाए। उनकी मांगों को एक राजनीतिक संगठन और वामपंथी पार्टी की युवा शाखा का समर्थन प्राप्त है।

16 जुलाई की शाम को पोस्टमार्टम रिपोर्ट जारी होने के बाद परिजन ने उसे खारिज करते हुए फोर रोड्स जंक्शन पर विरोध प्रदर्शन किया। शनिवार को छात्रा की पोस्टमार्टम रिपोर्ट में रक्तस्राव और कई चोटों के कारण सदमे के लक्षण सामने आए थे। हालांकि लंबित रासायनिक विश्लेषण रिपोर्ट पर अंतिम राय बाकी है, छात्रा के रिश्तेदारों ने रिपोर्ट को नकली बताया है। परिजन ने सीबी-सीआईडी जांच की मांग भी की है।

हर कोण से जांच
कल्लाकुरिची जिले के पुलिस अधीक्षक एस सेल्वाकुमार से मिलने और अपराधी के खिलाफ उचित कार्रवाई का आश्वासन दिए जाने के बावजूद पुलिसकर्मियों ने लोगों को जबरन हटाया, क्योंकि उन्होंने विरोध समाप्त करने से इनकार कर दिया था।

बाद में, कल्लाकुरिची में मीडियाकर्मियों से बात करते हुए एस सेल्वाकुमार ने कहा, 'हम सभी संदिग्ध कोणों की जांच कर रहे हैं। हर संदिग्ध को पूछताछ के तहत लाया जाएगा।'

दीवार पर धब्बे!
स्कूल की दीवार पर मिले कथित खून के धब्बों को लेकर एसपी ने कहा कि वे बच्ची की मौत से पहले भी थे। फिर भी, उनके नमूने एकत्र किए गए और परीक्षण के लिए भेजे गए हैं।

खंगालेंगे सीसीटीवी फुटेज
एसपी ने कहा कि स्कूल परिसर से रिकॉर्ड किए गए सीसीटीवी फुटेज को सुरक्षित रखा गया है। उन्होंने कहा कि लड़की द्वारा लिखे गए पत्र की विश्वसनीयता की पुष्टि करने के लिए भी जांच की जा रही है। घायलों में डीआईजी शामिल हैं।

उन्होंने कहा कि हमने स्थिति को यथासंभव संभालने की कोशिश की और प्रदर्शनकारियों पर किसी भी हथियार का इस्तेमाल नहीं किया। प्रदर्शनकारियों के साथ बातचीत की और स्थिति को शांत करने की कोशिश की, लेकिन दंगाइयों ने पहले ही काफी नुकसान किया था।

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