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वैष्णो देवी तीर्थक्षेत्र में भगदड़ में 12 लोगों की मौत, जांच के आदेश दिए गए
धिकारियों ने कहा कि मंदिर खुला है और अंतिम रिपोर्ट आने तक श्रद्धालु पूजा-अर्चना कर रहे थे
 
घटना के संबंध में एक श्रद्धालु आदित्य शर्मा ने बताया कि भक्तों की भारी भीड़ थी और फर्श पर सो रहे कुछ लोग भगदड़ में कुचल गए

जम्मू/भाषा। जम्मू-कश्मीर में माता वैष्णो देवी तीर्थ क्षेत्र में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ के कारण मची भगदड़ में कम से कम 12 लोगों की मौत हो गई और 12 से ज्यादा घायल हो गए। अधिकारियों ने शनिवार को यह जानकारी दी। उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने घटना की जांच के आदेश दिए हैं।

भगदड़ बीती रात करीब ढाई बजे मंदिर के गर्भगृह के बाहर गेट नंबर तीन के पास हुई। माता वैष्णो देवी मंदिर जम्मू से करीब 50 किलोमीटर दूर त्रिकुट पर्वत पर स्थित है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने घटना पर शोक जताते हुए कहा कि उन्होंने स्थिति का जायजा लेने के लिए जम्मू कश्मीर के उपराज्यपाल सिन्हा और केंद्रीय मंत्रियों-जितेंद्र सिंह तथा नित्यानंद राय से बात की है।

मोदी ने ट्वीट किया, ‘माता वैष्णो देवी भवन में मची भगदड़ से लोगों की जान जाने से अत्यंत दुखी हूं। शोक संतप्त परिवारों के प्रति संवेदना। घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की प्रार्थना करता हूं।’

अधिकारियों ने कहा कि भगदड़ में 12 लोगों की मौत हो गई और शवों को पहचान के लिए कटरा आधार शिविर के एक अस्पताल में भेजा गया है। उन्होंने बताया कि घायल 15 लोगों को माता वैष्णो देवी नारायण सुपरस्पेशलिटी अस्पताल में भर्ती कराया गया है और उनमें से दो लोगों की हालत गंभीर है तथा कुछ लोगों को प्राथमिक उपचार के बाद छुट्टी दे दी गई।

घटना के संबंध में एक श्रद्धालु आदित्य शर्मा ने बताया कि भक्तों की भारी भीड़ थी और फर्श पर सो रहे कुछ लोग भगदड़ में कुचल गए।

अधिकारियों ने बताया कि मृतकों में से आठ की पहचान उत्तर प्रदेश के अरुण प्रताप सिंह (30), धर्मवीर सिंह (35), विनीत कुमार (38) और शमता सिंह (35), दिल्ली के विनय कुमार (24) और सोनू पांडे (24), हरियाणा की ममता (38) और जम्मू-कश्मीर के राजौरी जिले के देशराज कुमार (26) रूप में हुई है। उन्होंने कहा कि बाकी मृतकों की पहचान अभी नहीं हो पाई है।

अधिकारियों ने कहा कि मंदिर खुला है और अंतिम रिपोर्ट आने तक श्रद्धालु पूजा-अर्चना कर रहे थे।

प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) ने मृतकों के परिजनों और घायलों के लिए अनुग्रह रााशि की घोषणा की। पीएमओ ने प्रधानमंत्री मोदी के हवाले से एक ट्वीट में कहा, ‘माता वैष्णो देवी भवन में भगदड़ में जान गंवाने वालों के परिजनों को प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष से दो-दो लाख रुपए की अनुग्रह राशि दी जाएगी। घायलों को 50-50 हजार रुपये दिए जाएंगे।’

जम्मू कश्मीर के उपराज्यपाल के कार्यालय ने सिलसिलेवार ट्वीट में कहा, ‘श्री माता वैष्णो देवी तीर्थ क्षेत्र में भगदड़ के कारण लोगों की मृत्यु से बेहद दुखी हूं। मृतकों के परिवारों के प्रति मेरी संवेदना और घायलों के जल्द स्वस्थ होने की कामना करता हूं।’

सिन्हा ने कहा, ‘माननीय गृह मंत्री अमित शाहजी से बात की। उन्हें घटना के बारे में जानकारी दी। भगदड़ की घटना की उच्चस्तरीय जांच का आदेश दिया गया है। प्रधान सचिव (गृह) के नेतृत्व में जांच समिति का गठन किया गया है जिसमें एडीजीपी, जम्मू और संभागीय आयुक्त, जम्मू सदस्य के रूप में होंगे।’

उपराज्यपाल ने कहा, ‘माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदीजी से बात की। उन्हें घटना के बारे में जानकारी दी। प्रधानमंत्री ने हरसंभव मदद का आश्वासन दिया है। भगदड़ में जान गंवाने वालों के आश्रितों को 10-10 लाख रुपये की अनुग्रह राशि दी जाएगी और घायलों को दो-दो लाख रुपये दिए जाएंगे। श्राइन बोर्ड घायलों के इलाज का खर्च वहन करेगा।’

राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने कहा कि वह भगदड़ मचने से श्रद्धालुओं की मौत की खबर से अत्यंत दुखी हैं। उन्होंने शोकसंतप्त परिवारों के प्रति संवेदना भी प्रकट की। राष्ट्रपति ने कहा, ‘मैं घायल हुए लोगों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करता हूं।’

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने भी घटना पर शोक व्यक्त किया है। शाह ने ट्वीट किया, ‘माता वैष्णो देवी मंदिर में हुई दुखद घटना से हृदय अत्यंत व्यथित है। इस संबंध में मैंने जम्मू कश्मीर के उपराज्यपाल से बात की है। प्रशासन घायलों के उपचार के लिए निरंतर कार्यरत है। इस हादसे में जान गंवाने वाले लोगों के परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त करता हूं।’

वहीं, कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने ट्वीट किया, ‘माता वैष्णो देवी मंदिर में भगदड़ की घटना दुर्भाग्यपूर्ण है। मैं जान गंवाने वाले लोगों के परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त करता हूं।’

केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने कहा कि वह स्थिति का जायजा लेने के लिए कटरा पहुंच रहे हैं। मौके पर मौजूद अधिकारियों ने कहा कि यह घटना नए साल की शुरुआत के मौके पर दर्शन करने पहुंचे श्रद्धालुओं की भारी भीड़ के कारण हुई।

श्रद्धालु आमतौर पर कटरा आधार शिविर से लगभग 13 किलोमीटर की दूरी पर स्थित मंदिर तक पैदल यात्रा करके जाते हैं, जबकि कुछ लोग हेलीकॉप्टर से वहां पहुंचते हैं। इस बीच, जम्मू-कश्मीर के पुलिस महानिदेशक दिलबाग सिंह ने कहा कि कुछ युवाओं के बीच मामूली कहासुनी के कारण वैष्णो देवी तीर्थ क्षेत्र में भगदड़ की स्थिति बनी जिसमें दुर्भाग्य से 12 लोगों की मौत हो गई।

उन्होंने पीटीआई-भाषा से बातचीत में कहा कि घटना अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है और पुलिस एवं अन्य अधिकारियों ने स्थिति पर समय रहते काबू पा लिया। सिंह ने बताया कि घटनास्थल से मिली प्रारंभिक सूचना के अनुसार, कुछ युवा लड़कों के बीच किसी बात को लेकर झगड़ा हुआ और कुछ ही सेकंड के भीतर भगदड़ की स्थिति पैदा हो गई।

उन्होंने कहा, पुलिस और प्रशासन के अधिकारियों ने त्वरित प्रतिक्रिया दी तथा भीड़ में व्यवस्था तुरंत बहाल कर ली गई लेकिन उस वक्त तक नुकसान हो चुका था।

पुलिस प्रमुख ने कहा, घायलों को तुरंत पास के अस्पतालों में पहुंचाया गया।” उन्होंने बताया कि घटना में 15 लोग घायल हुए हैं।

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