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भाजपा नेता बग्गा की गिरफ्तारी पर अदालत ने 6 जुलाई तक रोक लगाई
इस मामले में अगली सुनवाई उसी तारीख को होगी
 
उच्च न्यायालय ने शनिवार को बग्गा की तरफ से दायर एक याचिका पर निर्देश दिया था कि उनके खिलाफ कोई दंडात्मक कार्रवाई न की जाए

चंडीगढ़/भाषा। भाजपा नेता तेजिंदर पाल सिंह बग्गा को कथित तौर पर भड़काऊ बयान देने, दुश्मनी को बढ़ावा देने और आपराधिक धमकी देने के मामले में राहत देते हुए पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय ने उनकी गिरफ्तारी पर मंगलवार को छह जुलाई तक रोक लगा दी।

दिल्ली पुलिस की तरफ से पेश हुए अतिरिक्त सॉलिसीटर जनरल सत्यपाल जैन ने अदालत में मामले पर सुनवाई के बाद कहा कि बग्गा के खिलाफ छह जुलाई तक कोई दंडात्मक कार्रवाई नहीं की जाएगी। इस मामले में अगली सुनवाई उसी तारीख को होगी।

न्यायमूर्ति अनूप चितकारा द्वारा पारित आदेश का संदर्भ देते हुए उन्होंने कहा, “इस दौरान (छह जुलाई तक) जांच जारी रहेगी, लेकिन (पंजाब पुलिस द्वारा) बग्गा का बयान अगर दर्ज करना होगा तो यह उनके (दिल्ली स्थित) आवास पर उनके वकीलों की मौजूदगी में किया जाएगा …।

उच्च न्यायालय ने शनिवार को बग्गा की तरफ से दायर एक याचिका पर निर्देश दिया था कि उनके खिलाफ कोई दंडात्मक कार्रवाई न की जाए। याचिका में बग्गा ने मोहाली की एक अदालत द्वारा जारी गिरफ्तारी आदेश पर स्थगन देने का अनुरोध किया था।

मोहाली में न्यायिक मजिस्ट्रेट रवतेश इंदरजीत सिंह की अदालत ने पिछले महीने दर्ज एक मामले के सिलसिले में बग्गा के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किया था।

पुलिस ने बग्गा के खिलाफ भड़काऊ बयान देने, दुश्मनी को बढ़ावा देने और आपराधिक धमकी के आरोप में मामला दर्ज किया था। मोहाली के रहने वाले आप नेता सन्नी अहलूवालिया की शिकायत पर यह मामला दर्ज किया गया था।

एक अप्रैल को दर्ज की गई प्राथमिकी के मुताबिक, 30 मार्च को बग्गा ने दिल्ली में मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के आवास के बाहर भाजपा के युवा मोर्चा के विरोध-प्रदर्शन में हिस्सा लिया था और कथित तौर पर आपत्तिजनक टिप्पणी की थी।

पंजाब पुलिस ने बीते शुक्रवार को बग्गा को उनके दिल्ली स्थित घर से गिरफ्तार किया था लेकिन पंजाब ले जाते समय उन्हें रास्ते में हरियाणा में रोक लिया गया और कुछ घंटों बाद दिल्ली पुलिस उन्हें वापस राष्ट्रीय राजधानी ले आई थी।

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