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बसपा से कांग्रेस में शामिल हुए विधायकों को नहीं मिला उचित सम्मान: राजेंद्र गुढ़ा
गुढ़ा का यह बयान सत्तारूढ़ कांग्रेस के लिए राज्यसभा चुनाव से पहले चिंता बढ़ाने वाला हो सकता है
 
कांग्रेस चुनाव से पहले पार्टी व समर्थक विधायकों को एकजुट रखने का प्रयास कर रही है

जयपुर/भाषा। राजस्थान के सैनिक कल्याण मंत्री राजेंद्र गुढ़ा ने शुक्रवार को कहा कि बसपा से कांग्रेस में शामिल हुए छह विधायकों को वह सम्मान नहीं मिला, जिसके वे हकदार थे।

गुढ़ा ने यहां संवाददाताओं से कहा,‘यह सच बात है कि बसपा से कांग्रेस में शामिल हुए विधायकों को जो सम्मान मिलना चाहिए था, वह नहीं मिला।’

गुढ़ा का यह बयान सत्तारूढ़ कांग्रेस के लिए राज्यसभा चुनाव से पहले चिंता बढ़ाने वाला हो सकता है। कांग्रेस चुनाव से पहले पार्टी व समर्थक विधायकों को एकजुट रखने का प्रयास कर रही है। गुढ़ा बसपा से कांग्रेस में शामिल हुए उन विधायकों में शामिल हैं, जिन्होंने उदयपुर में आयोजित कांग्रेस के ‘शिविर’ में हिस्सा नहीं लिया बल्कि जयपुर में ही है।

उल्लेखनीय है कि बसपा की टिकट पर विधानसभा चुनाव जीतने वाले छह विधायक राजेन्द्र गुढा, लखन मीणा, दीपचंद खेरिया, संदीप यादव, जोगिंदर अवाना और वाजिब अली सितंबर 2019 में कांग्रेस में शामिल हुए थे।

गुढ़ा ने कहा कि कांग्रेस के प्रदेश प्रभारी अजय माकन ने कुछ वादे किए थे जिन्हें वह पूरा नहीं कर पाए। उन्होंने कहा, ‘राजनीति में जो प्रतिबद्धता हो वह पूरी होनी चाहिए। अजय माकन हमारे प्रभारी हैं, उन्होंने मुझसे कुछ प्रतिबद्धताएं की थीं लेकिन उन्हें पूरा नहीं किया।’

उल्लेखनीय है कि राजस्थान से राज्यसभा की चार सीटों के लिए 10 जून को मतदान होगा। कांग्रेस ने मुकुल वासनिक, प्रमोद तिवारी और रणदीप सिंह सुरजेवाला को मैदान में उतारा है जबकि भाजपा ने पूर्व मंत्री घनश्याम तिवाड़ी को उम्मीदवार बनाया है।

संख्या बल के हिसाब से राजस्थान की 200 सीटों वाली विधानसभा में कांग्रेस अपने 108 विधायकों के साथ दो सीटें व भाजपा 71 विधायकों के साथ एक सीट आराम से जीत सकती है। दो सीटों के बाद कांग्रेस के पास 26 अधिशेष व भाजपा के पास 30 अधिशेष वोट होंगे। एक उम्मीदवार को जीतने के लिए 41 वोट चाहिए।

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