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कर्नाटकः पूर्व मुख्य निर्वाचन आयुक्त की पेशी के लिए जारी समन खंडपीठ ने किया रद्द
एकल न्यायाधीश ने आर. पदासलागी द्वारा दाखिल चुनाव याचिका पर विचार करते हुए 17 जून, 2022 को समन जारी किया था
 
याचिका में 2019 के उपचुनाव में अतनी विधानसभा क्षेत्र से महेश कुमाताहल्ली की जीत को चुनौती दी गई थी

बेंगलूरु/भाषा। कर्नाटक उच्च न्यायालय ने एक चुनाव याचिका के संबंध में गवाही देने के लिए भारत के पूर्व मुख्य निर्वाचन आयुक्त सुनील अरोड़ा को जारी एकल न्यायाधीश की पीठ के समन आदेश को रद्द कर दिया है।

एकल न्यायाधीश ने आर. पदासलागी द्वारा दाखिल चुनाव याचिका पर विचार करते हुए 17 जून, 2022 को समन जारी किया था। याचिका में 2019 के उपचुनाव में अतनी विधानसभा क्षेत्र से महेश कुमाताहल्ली की जीत को चुनौती दी गई थी।

उपचुनाव अक्टूबर 2019 में निर्धारित किए गए थे, लेकिन फिर इन्हें दिसंबर 2019 में पुनर्निर्धारित किया गया। कार्यक्रम में बदलाव उच्चतम न्यायालय के निर्णय के बाद किया गया था, जो उन विधायकों की अयोग्यता से संबंधित याचिकाओं पर सुनवाई कर रहा था, जिनके निर्वाचन क्षेत्रों में चुनाव होने थे।

अतनी सीट से कुमाताहल्ली के चुनाव जीतने के बाद पदासलागी ने इसे चुनौती दी। इस याचिका के संबंध में एकल न्यायाधीश ने भारत के पूर्व मुख्य निर्वाचन आयुक्त को एक गवाह के रूप में पेश होने और यह बताने के लिए कहा कि किन परिस्थितियों में चुनाव कार्यक्रम में बदलाव किया गया।

एकल न्यायाधीश के इस आदेश को निर्वाचन आयोग ने खंड पीठ के समक्ष याचिका दाखिल कर चुनौती दी।

हाल में पारित आदेश में न्यायमूर्ति कृष्ण एस. दीक्षित और न्यायमूर्ति पी. कृष्ण भट ने कहा, ऐसे कौन से तथ्य और परिस्थितियां थीं जिनके कारण चुनाव स्थगित करने की अधिसूचना जारी की गई, यह भारत के निर्वाचन आयोग के आयुक्तों के मौखिक साक्ष्य का विषय नहीं हो सकता, क्योंकि यह बहु-सदस्यीय निकाय है। इसके निर्णय किसी व्यक्ति के निर्णय नहीं होते।

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