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स्कूलों को हर बच्चे को अपना मानना चाहिए: स्टालिन
मुख्यमंत्री ने कहा, 'शैक्षणिक संस्थानों को चाहिए कि वे हर बच्चे को अपना समझें और उन्हें शिक्षित करें'
 
उन्होंने भाषा के गौरव और संघीय सिद्धांतों में दृढ़ विश्वास को राज्य के विकास के प्रमुख कारणों में से एक बताया

चेन्नई/दक्षिण भारत। तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन ने सोमवार को राज्य के शैक्षणिक संस्थानों से कहा कि वे अपने स्कूलों में हर बच्चे को अपना समझें। उन्होंने कहा कि गैर—कानूनी गतिविधियों में लिप्त लोगों (कल्लाकुरिची में) को यह समझना चाहिए कि हिंसा विकास के खिलाफ है।

तमिलनाडु विकास विभाग द्वारा यहां वीडियो कॉल के माध्यम से आयोजित 'तमिलनाडु दिवस' समारोह में भाग लेते हुए स्टालिन ने कहा कि कल्लाकुरिची घटना ऐसे समय में हुई, जब सरकार सभी के लिए सबकुछ बनाने के लक्ष्य को हासिल करने का प्रयास कर रही थी।

मुख्यमंत्री ने कहा, 'शैक्षणिक संस्थानों को चाहिए कि वे हर बच्चे को अपना समझें और उन्हें शिक्षित करें। मैं आगाह करना चाहता हूं कि इस सिद्धांत का उल्लंघन करने वालों को दंडित किया जाएगा।'

उन्होंने भाषा के गौरव और संघीय सिद्धांतों में दृढ़ विश्वास को राज्य के विकास के प्रमुख कारणों में से एक बताया।

मुख्यमंत्री ने कहा, 'राज्य की स्वायत्तता राष्ट्रीय अखंडता की रक्षा करेगी। सभी जातियों, भाषाओं, धर्मों और संस्कृतियों के लोगों के साथ समान व्यवहार करने और उनका सम्मान करने से ही अखंडता प्राप्त की जा सकती है। तमिल भाषा, तमिल लोग और तमिलनाडु का प्रचार करना कोई अदूरदर्शी दृष्टिकोण नहीं है। विशाल देश में मेरी भाषा और मेरा राज्य फले-फूले। सभी राज्यों, जातियों और भाषाओं को इसे हासिल करना चाहिए। हम इतनी उदारता के साथ नृजातीय, भाषाई गौरव और राज्य स्वायत्तता की बात करते हैं।

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