logo
ओडिशा: इलेक्ट्रीशियन ने बनाई साइकिल, धूप से चार्ज करें और चलाएं!
सौम्या रंजन पालेई ने कई प्रयोगों के बाद यह साइकिल तैयार की है
 
पेट्रोल की कीमतों के आसमान छूने के कारण सौर ऊर्जा से चलने वाली साइकिल परिवहन के एक प्रमुख किफायती साधन के रूप में काम करेगी

केंद्रपाड़ा/भाषा। ओडिशा के केंद्रपाड़ा जिले में एक बिजली मिस्त्री (इलेक्ट्रीशियन) ने सामान्य साइकिल को सौर ऊर्जा से जोड़कर इलेक्ट्रिक साइकिल बनाई है जो 25 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चल सकती है।

भुवनेश्वर से लगभग 120 किलोमीटर दूर रजनीका ब्लॉक के पेगरपाड़ा में सौम्या रंजन पालेई ने कई प्रयोगों के बाद यह साइकिल तैयार की है। सौम्या (28) ने साइकिल पर सौर पैनल के साथ एक इंजन भी लगाया है जिससे साइकिल चल सकती है। इस साइकिल को तैयार करने में उन्हें तीन महीने लगे।

उन्होंने शनिवार को अपने घर से बालासोर तक की करीब 110 किलोमीटर की दूरी साइकिल से तय की। उन्होंने कहा, रास्ते में समय-समय पर आराम के साथ यात्रा करने में कुल सात घंटे लगे। रास्ते में, लोग मेरी साइकिल देखकर उत्सुक थे।

साइकिल के ऊपर सोलर पैनल लगा है जिसका इस्तेमाल बैटरी चार्ज करने के लिए किया जाता है। इसे तैयार करने में कुल लागत लगभग 40,000 रुपए आयी है।

साइकिल की बैटरी को पूरी तरह से चार्ज करने के लिए पांच-छह घंटे धूप की जरूरत होती है। उसके बाद यह लगभग 150 किमी तक चल सकती है। धूप नहीं होने पर इसे बिजली से भी चार्ज किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि अगर बैटरी खत्म हो जाती है, तो पैडल मारकर गंतव्य तक पहुंचा जा सकता है।

युवा नवोन्मेषक ने कहा, पेट्रोल की कीमतों के आसमान छूने के कारण सौर ऊर्जा से चलने वाली साइकिल परिवहन के एक प्रमुख किफायती साधन के रूप में काम करेगी।

<