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विपक्षी दल डरे हुए हैं, क्योंकि उनकी सांप्रदायिक राजनीति का अंत हो गया: भाजपा
चाहे पश्चिम बंगाल हो, झारखंड हो, राजस्थान हो और महाराष्ट्र में भी हम देख रहे हैं कि क्या हो रहा है
 
विपक्षी दल अपील तो करते हैं, लेकिन जो प्रमुख सवाल है उसका उत्तर नहीं देते हैं

नई दिल्ली/दक्षिण भारत। भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता गौरव भाटिया ने सोमवार को यहां पार्टी मुख्यालय में प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि हमारी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा ने एक बड़ी महत्वपूर्ण चिट्ठी देशवासियों के नाम लिखी है। इसमें प्रमुखता से कुछ मुद्दे उठाए गए हैं। ये सवाल केवल भाजपा के नहीं है बल्कि आज ये सवाल देशवासियों के मन में हैं।

भाटिया ने कहा कि विश्व में कई ऐसे देश हैं जो कोविड महामारी के इस समय में कई परेशानियों का सामना करते हुए कमजोर हुए। वहीं भारत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में इस महामारी के संकट में भी मजबूत होकर उभरा है और पूरे विश्व को दिशा देने का काम भी भारत ने किया है।

भाटिया ने कहा कि अभी दो दिन पहले विपक्षी पार्टियों ने एक चिट्ठी जारी की थी जिसके लिए यह कहना गलत नहीं होगा- 'खोटी अपील, खोटी नीयत, खोटी कांग्रेस और खोटा विपक्ष'। उस चिट्ठी में भारत के नागरिकों का अपमान किया जा रहा है।

भाटिया ने कहा कि इस चिट्ठी में राष्ट्रीय अध्यक्ष ने प्रमुखता से यह सवाल पूछा है कि आप करौली, राजस्थान पर चुप्पी क्यों साधे हुए हैं, यह देश भी पूछ रहा है। ऐसी क्या है मजबूरी कि मतलूब अहमद है जरूरी? मुख्य आरोपी नामजद है। 16 दिन हो चुके हैं, लेकिन अब तक गिरफ्तारी नहीं हुई है।

भाटिया ने कहा कि चाहे पश्चिम बंगाल हो, झारखंड हो, राजस्थान हो और महाराष्ट्र में भी हम देख रहे हैं कि क्या हो रहा है। ये विपक्षी दल अपील तो करते हैं, लेकिन जो प्रमुख सवाल है उसका उत्तर नहीं देते हैं।

पश्चिम बंगाल में कानून व्यवस्था पूरी तरह ध्वस्त हैं। लेकिन उस अपील में वहां की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी भी हैं। जिसकी जवाबदेही है, वो हस्ताक्षर कर रहा है और आरोप लगा रहा है। लेकिन संविधान की शपथ लेकर जिस जिम्मेदारी का निर्वहन उन्हें करना है, वो नहीं कर रहे।

भाटिया ने कहा कि एक तरफ प्रधानमंत्री मोदी की एक दूरदर्शी सोच है कि देश का हित कैसे हो, देश आगे कैसे बढ़े। दूसरी तरफ तुच्छ राजनीति करते हुए कांग्रेस की विपक्षी पार्टियों की सोच है कि हमारा भला कैसे हो, हम सत्ता में कैसे आएं, हमें देश से कोई लेना-देना नहीं है।

भाटिया ने कहा कि देश में आज आत्मविश्वास, प्रगति और नई ऊर्जा का माहौल है। लेकिन विपक्षी दल डरे हुए हैं, क्योंकि उनकी सांप्रदायिक राजनीति का अंत हो गया है। वो इसलिए डरे हुए हैं क्योंकि उन्हें पता है कि वो जो भ्रष्टाचार करते थे, उस राजनीति का अंत होने जा रहा है।

भाटिया ने कहा कि कांग्रेस पार्टी भूल जाती है कि सबसे ज्यादा दंगे अगर किसी के शासन में हुए तो वो उसके शासन में हुए हैं। जब खुद कठघरे में खड़े होते हैं तो दुख की बात है कि उसको सही कैसे ठहराते हैं, इसका सबसे दुर्भाग्यपूर्ण उदाहरण कोई है तो राजीव गांधी हैं।

भाटिया ने कहा कि भाजपा सामाजिक न्याय पखवाड़ा मना रही है। इसमें आज का विषय स्वच्छ भारत मिशन है। दो अक्टूबर, 2014 को महात्मा गांधी के जन्मदिन पर इस सोच को प्रधानमंत्री मोदी ने आगे बढ़ाया और देश को समर्पित किया।

भाटिया ने कहा कि स्वच्छ भारत मिशन के अंतर्गत देश में 11.5 करोड़ से ज्यादा घरों को शौचालय मिल चुके हैं। 58 हजार गांव और 3,300 से अधिक शहर ओडीएफ प्लस योजना से लाभान्वित हुए हैं। स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण के लिए 2022-23 के बजट में 7,192 करोड़ रुपए आवंटित किए गए हैं। स्वच्छ भारत मिशन शहरी के लिए 2021 से 2026 यानी 5 साल की अवधि में 1,41, 678 करोड़ रुपए खर्च किए जाएंगे।

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