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योगी की सरकार अपराधियों के साथ जेल-जेल खेल रही है: मोदी
प्रधानमंत्री ने कहा कि युवा नए भारत का कर्णधार भी है, विस्तार भी है; युवा नए भारत का नियंता भी है, नेतृत्वकर्ता भी है
 
आज के युवाओं के पास प्राचीनता की विरासत भी है, आधुनिकता का बोध भी है। जिधर युवा चलेगा उधर भारत चलेगा। और जिधर भारत चलेगा, उधर ही अब दुनिया चलने वाली है।

मेरठ/दक्षिण भारत। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को मेरठ के सरधना में 700 करोड़ रुपए की लागत से बनने जा रहे राज्य के पहले 'मेजर ध्यानचंद खेल विश्वविद्यालय' का शिलान्यास किया। इए अवसर पर उन्होंने कहा कि साल की शुरुआत में मेरठ आना मेरे लिए बहुत अहम है। भारत के इतिहास में मेरठ का स्थान सिर्फ एक शहर का नहीं है, बल्कि मेरठ हमारी संस्कृति और सामर्थ्य का भी महत्वपूर्ण केंद्र है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि मेरठ, देश की एक और महान संतान, मेजर ध्यान चंद की भी कर्मस्थली रहा है। कुछ महीने पहले केंद्र सरकार ने देश के सबसे बड़े खेल पुरस्कार का नाम दद्दा के नाम पर किया था। आज मेरठ की स्पोर्ट्स यूनिवर्सिटी मेजर ध्यान चंद को समर्पित की जा रही।

प्रधानमंत्री ने कहा कि मेरठ के इस क्षेत्र ने स्वतंत्र भारत को भी नई दिशा देने में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। राष्ट्र रक्षा के लिए सीमा पर बलिदान हो या फिर खेल के मैदान में राष्ट्र के लिए सम्मान, राष्ट्रभक्ति की अलख को इस क्षेत्र ने सदा सर्वदा प्रज्वलित रखा है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि नूरपुर ने चौधरी चरण सिंह के रूप में देश को एक विजनरी नेतृत्व भी दिया। मैं इस प्रेरणास्थली का वंदन करता हूं, मेरठ और इस क्षेत्र का अभिनंदन करता हूं। मैं उत्तर प्रदेश के नौजवानों को राज्य की पहली स्पोर्ट्स यूनिवर्सिटी के लिए बहुत-बहुत बधाई देता हूं। यह आधुनिक दुनिया की श्रेष्ठ स्पोर्ट्स यूनिवर्सिटी में से एक होगी।

प्रधानमंत्री ने कहा कि पहले की सरकारों में उप्र में अपराधी अपना खेल खेलते थे, माफिया अपना खेल खेलते थे। पहले यहां अवैध कब्जे के टूर्नामेंट होते थे, बेटियों पर फब्तियां कसने वाले खुलेआम घूमते थे।

प्रधानमंत्री ने कहा कि अब योगी की सरकार ऐसे अपराधियों के साथ जेल-जेल खेल रही है। पांच साल पहले इसी मेरठ की बेटियां शाम होने के बाद अपने घर से निकलने से डरती थीं। आज मेरठ की बेटियां पूरे देश का नाम रौशन कर रही हैं।

प्रधानमंत्री ने कहा कि यहां मेरठ के सोतीगंज बाजार में गाड़ियों के साथ होने वाले खेल का भी अब दि एंड हो रहा है। अब उप्र में असली खेल में बढ़ावा मिल रहा है। उप्र के युवाओं को खेल की दुनिया में छा जाने का मौका मिल रहा है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि युवा नए भारत का कर्णधार भी है, विस्तार भी है। युवा नए भारत का नियंता भी है, नेतृत्वकर्ता भी है। आज के युवाओं के पास प्राचीनता की विरासत भी है, आधुनिकता का बोध भी है। जिधर युवा चलेगा उधर भारत चलेगा। और जिधर भारत चलेगा, उधर ही अब दुनिया चलने वाली है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि देश में खेलों के लिए जरूरी है कि हमारे युवाओं में खेलों को लेकर विश्वास पैदा हो, खेल को अपना प्रॉफ़ेशन बनाने का हौसला बढ़े। यही मेरा संकल्प भी है, और सपना भी!

प्रधानमंत्री ने कहा कि खेल की दुनिया से जुड़ी एक और बात हमें याद रखनी है। खेल से जुड़ी सर्विस और सामान का बाजार लाखों करोड़ रुपए का है। मेरठ से ही अभी 100 से अधिक देशों को स्पोर्ट्स का सामान निर्यात होता है। मेरठ लोकल के लिए वोकल तो है ही, लोकल को ग्लोबल भी बना रहा है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि अब जो नई नेशनल एजुकेशन पॉलिसी लागू हो रही है, उसमें भी खेल को प्राथमिकता दी गई है। पहले खेल को एक्स्ट्रा एक्टिविटी माना जाता था, लेकिन अब स्पोर्ट्स स्कूल में बाकायदा एक विषय होगा।

प्रधानमंत्री ने कहा कि सरकारों की भूमिका अभिभावक की तरह होती है। योग्यता होने पर बढ़ावा भी दे और गलती होने पर यह कहकर न टाल दे कि लड़कों से गलती हो जाती है। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि के माध्यम से कल ही उप्र के लाखों किसानों के बैंक खातों में ट्रांसफर किए गए हैं। इसका लाभ इस क्षेत्र के छोटे किसानों को भी हो रहा है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि जो पहले सत्ता में थे, उन्होंने आपको गन्ने का मूल्य किस्तों में तरसा-तरसा कर दिया। योगीजी की सरकार में जितना गन्ना किसानों को भुगतान किया गया है, उतना पिछली दोनों सरकारों के दौरान किसानों को नहीं मिला था।

प्रधानमंत्री ने कहा कि पहले की सरकारों में चीनी मिलें कौड़ियों के दाम बेची जाती थीं। लेकिन योगीजी की सरकार में अब मिलें बंद नहीं होतीं, यहां तो मिलों का विस्तार होता है, नई मिलें खोली जाती हैं।

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