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सतर्कता जरूरी
अपराधी कुछ भ्रष्ट पुलिसकर्मियों से साठगांठ कर जेल में रहते हुए भी आपराधिक घटनाओं को अंजाम देते हैं
 
केंद्रीय एजेंसियों का स्थानीय पुलिस के साथ तालमेल बहुत जरूरी है

पंजाब में गैंगस्टरों के खिलाफ पुलिस की जोरदार कार्रवाई से अपराधियों में हड़कंप मचा हुआ है। इसके मद्देनजर हरियाणा सरकार का सतर्क होना उचित ही है, क्योंकि संभव है कि गैंगस्टर अपनी जान बचाने और मामला ठंडा होने तक इस राज्य का रुख कर लें। हरियाणा एसटीएफ के रडार पर करीब तीन दर्जन कुख्यात शूटर हैं। हाल में यह भी देखा गया है कि दिल्ली और हरियाणा में गैंगस्टरों ने कई बड़ी वारदात की हैं। इसका चौंकाने वाला पहलू यह है कि लगभग सभी बड़ी गैंगों के टॉप अपराधी जेलों में कैद हैं और उनके गुर्गे ‘बड़ा अपराधी’ बनने की कोशिश में अपराध कर रहे हैं।  जेल में रहकर ‘सुविधापूर्ण’ जीवन बिताने और वहीं से गैंग चलाने की घटनाएं भी समाचारपत्रों में प्रकाशित होती रहती हैं।

दरअसल अपराधी कुछ भ्रष्ट पुलिसकर्मियों से साठगांठ कर जेल में रहते हुए भी आपराधिक घटनाओं को अंजाम देते हैं। उनके गुर्गे जिस राज्य में अपराध करते हैं, उसके समीपवर्ती राज्य में पनाह ले लेते हैं। फिर जब मामला ठंडा पड़ जाता है तो लौट आते हैं। इसके लिए जरूरी है कि राज्यों की पुलिस में तालमेल हो। आपसी तालमेल से ही उक्त अपराधियों पर काबू पाया जा सकता है।

यह कहना उचित ही है कि केंद्रीय एजेंसियों का स्थानीय पुलिस के साथ तालमेल बहुत जरूरी है। पंजाब, हरियाणा, दिल्ली की पुलिस का केंद्रीय एजेंसियों के साथ जितना बेहतर तालमेल होगा, गैंगस्टरों के लिए उतनी ही मुश्किल होगी और उनके हौसले पस्त होंगे। इन अपराधियों को हथियारों की आपूर्ति करने वाले नेटवर्क के खिलाफ कार्रवाई जरूरी है। साथ ही पाकिस्तान से लगती अंतरराष्ट्रीय सीमा की चौकसी को मजबूत बनाया जाए। पाकिस्तान यहां से हथियारों और नशीली सामग्री की तस्करी के मंसूबे बनाए हुए है।

हाल में हरियाणा में विधायकों को रंगदारी की धमकियों के मामले चर्चा में रहे थे। इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि आम नागरिक कितने सुरक्षित हैं। इस स्थिति में अगर हरियाणा एसटीएफ बड़े गैंगस्टरों व शूटरों पर शिकंजा कसती है तो निस्संदेह इससे अपराध नियंत्रण में बहुत सहायता मिलेगी। एसटीएफ उन गिरोहों को भी रडार पर ले, जो एक राज्य में अपराध कर दूसरे राज्य की ओर भाग जाते हैं।

देखा गया है कि उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने गैंगस्टरों और अपराधियों के खिलाफ जिस तरह कठोर कार्रवाई की है, उसके बाद वे हरियाणा और अन्य राज्यों में छिप गए। वे वहां अन्य गैंगस्टरों से मदद लेते हैं। इससे उनका नेटवर्क बढ़ता तथा मजबूत होता है। ऐसे तत्त्वों के खिलाफ शून्य सहिष्णुता की नीति होनी चाहिए, जिससे अपराधियों में यह कठोर संदेश जाए कि वे कानून से बच नहीं सकते, उन्हें कठोर दंड मिलेगा। एक समस्या नशे का कारोबार भी है, जो कई अपराधी पैदा करता है।

पंजाब के बाद हरियाणा, हिमाचल और राजस्थान के सीमावर्ती इलाकों में इसका असर देखा जा सकता है। अपराधी नशे के कारोबार को तुरंत और मोटा पैसा कमाने का जरिया मानते हैं। यह कमाई अपराध को बढ़ावा देने में इस्तेमाल होती है। इसलिए हरियाणा पुलिस को विशेष सतर्कता बरतते हुए इस नेटवर्क को तोड़ना होगा। अगर वह ऐसा करने में कामयाब होती है तो निस्संदेह पुलिस और कानून पर आम जनता का भरोसा बढ़ेगा। साथ ही जो छोटे अपराधी ‘बड़े अपराधी’ बनने के इच्छुक हैं, वे हतोत्साहित होंगे।

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