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श्रीलंका की राह पर इराक! शिया धर्मगुरु के राजनीतिक संन्यास की घोषणा के बाद उपद्रव में 15 मरे
मुक्तदा अल-सद्र ने घोषणा की कि वे राजनीति से हट रहे हैं
 
इसके बाद उनके समर्थकों ने जमकर उत्पात मचाया

बगदाद/दक्षिण भारत। लंबे समय से हिंसा से जूझ रहे इराक में एक प्रभावशाली शिया धर्मगुरु ने राजनीति से संन्यास लेने की घोषणा की तो बड़ी संख्या में उनके समर्थक सरकारी महल में पहुंचकर उपद्रव करने लगे। इससे कम से कम 15 लोगों की मौत हो गई।

स्थानीय मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, मुक्तदा अल-सद्र ने घोषणा की कि वे राजनीति से हट रहे हैं। इसके बाद उनके समर्थकों ने जमकर उत्पात मचाया। इस दौरान वे सुरक्षा बलों से भिड़ गए। इससे 15 लोगों के मारे जाने की खबर है।

बढ़ते तनाव के मद्देनजर बगदाद में कर्फ्यू लगा दिया गया है। वहीं, कार्यवाहक प्रधानमंत्री मुस्तफा अल-कदीमी ने कैबिनेट का सत्र निलंबित कर दिया है।

शिया धर्मगुरु ने जैसे ही अपने राजनीतिक जीवन से संबंधित घोषणा की, उनके समर्थक सड़कों पर उतर आए। ऐसे में दंगारोधी पुलिस को बुलाना पड़ा। भीड़ को तितर-बितर करने के लिए पुलिस ने आंसू गैस के गोले भी छोड़े।

बगदाद में भारी हंगामे के बीच गोलीबारी की आवाजें आती रहीं। धर्मगुरु के समर्थकों ने पुलिस पर हमला किया, जिसके बाद मोर्टार और ग्रेनेड दागने पड़े। घटना की तस्वीरें सोशल मीडिया पर आने के बाद कहा जा रहा है कि इराक में यह घटना हाल में श्रीलंका में हुए उपद्रव से काफी मिलती-जुलती है, जब उग्र प्रदर्शनकारियों ने राष्ट्रपति भवन समेत कई महत्वपूर्ण इमारतों पर कब्जा कर लिया था।

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