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पाकिस्तानः स्वात में फिर खतरे की घंटी, धमाके से 6 को उड़ाया, 7 का अपहरण
टीटीपी द्वारा जारी एक बयान में हमले की जिम्मेदारी ली गई
 
नकाबपोश आतंकवादी तहसील के सखरा इलाके में खुलेआम घूम रहे हैं

स्वात/कोहाट/दक्षिण भारत। पाकिस्तान में खैबर पख्तूनख्वा के दो जिलों में मंगलवार शाम चंद घंटों के भीतर कोहाट के एक पुलिस थाने और स्वात में अमन समिति के पूर्व प्रमुख एवं पुलिस अधिकारियों को निशाना बनाकर धमाका किया गया।

स्वात घाटी में कबाल तहसील के घोलो कंडाव इलाके में रिमोट से नियंत्रित बम की चपेट में आने से अमन समिति के पूर्व प्रमुख और दो पुलिसकर्मियों समेत छह लोगों की मौत हो गई।

अमन समिति के पूर्व प्रमुख इदरीस खान, दो पुलिस गार्ड रमैल और तौहीद, और एक बच्चा कोटकेय से बांदाई गांव की ओर जा रहे थे, जब एक सड़क पर लगाया गया बम फट गया। इससे चार लोगों की मौके पर ही मौत हो गई। इस धमाके में दो राहगीरों की भी मौत हो गई। उनमें से एक की पहचान बाद में सनाउल्लाह के रूप में हुई।

अधिकारियों ने घायलों को अस्पताल पहुंचाया, लेकिन पता चला कि सभी छह लोगों की मौके पर ही मौत हो गई।

टीटीपी द्वारा जारी एक बयान में हमले की जिम्मेदारी ली गई, जिसमें उल्लेख किया गया कि इदरीस खान लगभग 13 वर्षों से उनकी हिट-लिस्ट में थे।

खान ने साल 2007 में स्वात के बड़े हिस्से पर कब्ज़ा करने के बाद तालिबान के खिलाफ प्रतिरोध जुटाने में प्रमुख भूमिका निभाई थी। उनकी बहादुरी के लिए उन्हें गांव अमन समिति का अध्यक्ष नामित किया गया था, और वे अतीत में कई हमलों के बावजूद बच गए थे।

इन घटनाओं ने स्वात घाटी में एक बार फिर खतरे की घंटी बजा दी है। उग्रवाद के पुनरुत्थान पर अपनी पीड़ा व्यक्त करते हुए बड़ी संख्या में लोग सड़कों पर उतर आए। उन्होंने अधिकारियों से आग्रह किया कि वे कड़ी मेहनत से अर्जित शांति को तोड़ने के लिए आतंकवादियों के मंसूबों को रोकने के लिए तत्काल कार्रवाई करें।

सूत्रों के अनुसार, मंगलवार को स्वात में एक मोबाइल फोन कंपनी के इंजीनियर समेत सात कर्मचारियों का आतंकवादियों ने अपहरण कर लिया। इस बीच, पिछले एक सप्ताह में मट्टा से कबाल पहुंचे लोगों का कहना है कि नकाबपोश आतंकवादी तहसील के सखरा इलाके में खुलेआम घूम रहे हैं।

वहीं, कोहाट में बिलिटांग पुलिस स्टेशन पर एक ग्रेनेड हमला हुआ, जिसमें एसएचओ, चार कांस्टेबल सहित सात लोग और दो नागरिक गंभीर रूप से घायल हो गए।

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