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पाक में बाढ़ से हज़ारों लोग बेघर, थोड़ी राहत मिलते ही बम धमाके शुरू, 8 घायल
बारिश और बाढ़ से हुई तबाही के कारण पिछले महीने इस प्रांत में आतंकी गतिविधियां रुक गई थीं
 
अब हमलों की शुरुआत बता रही है कि आतंकवादियों की ओर से यह याद दिलाने की कोशिश है कि वे फिर आ गए हैं

क्वेटा/दक्षिण भारत। पाकिस्तान के अशांत बलूचिस्तान प्रांत में एक बम धमाके में कम से कम आठ लोग घायल हो गए। पुलिस ने यह जानकारी दी है। एक अधिकारी ने बताया कि घटना बुधवार रात क्वेटा मेकंगी रोड पर हुई, जब मोटरसाइकिल पर सवार एक अज्ञात शख्स ने दुकान पर हैंड ग्रेनेड फेंका। हमले में आठ लोग घायल हो गए, जिन्हें सिविल अस्पताल में भर्ती कराया गया।

धमाके से दुकान का शीशा भी टूट गया। पुलिस ने बताया कि घटना के बाद इलाके में दहशत फैल गई। अस्थिर बलूचिस्तान प्रांत में नियमित रूप से सुरक्षा कर्मियों, प्रतिष्ठानों और नागरिकों पर हमले होते रहते हैं। हालांकि, पिछले एक महीने में मूसलाधार बारिश और अचानक आई बाढ़ के कारण आतंकी हमलों में कमी आई है। यहां कई इलाके पानी में डूब गए हैं।

क्वेटा निवासी एक वरिष्ठ पत्रकार के अनुसार, बारिश और बाढ़ से हुई तबाही के कारण पिछले महीने इस प्रांत में आतंकी गतिविधियां रुक गई थीं। लेकिन अब हमलों की शुरुआत बता रही है कि आतंकवादियों की ओर से यह याद दिलाने की कोशिश है कि वे फिर आ गए हैं।

उन्होंने कहा कि लोग पहले ही तंबू में रहते हुए जरूरी चीजों के लिए संघर्ष कर रहे हैं। अब ये आतंकी हमले उनके जीवन को और अधिक दयनीय बना देंगे।

एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी अब्दुल हक उमरानी ने कहा कि प्रांत में बाढ़ की स्थिति के कारण उन्हें अभी कुछ समय के लिए आतंकवाद से नहीं जूझना पड़ा, लेकिन हम सभी जानते थे कि यह सिर्फ एक अस्थायी चरण था।

बलूचिस्तान में बाढ़ संबंधी घटनाओं में 300 से ज्यादा लोगों की मौत हो गई। क्वेटा और ग्वादर जैसे अन्य प्रमुख शहरों को पाकिस्तान के बाकी हिस्सों से जोड़ने वाले कई राजमार्ग और रेलवे ट्रैक भी बाढ़ से हुए नुकसान और विनाश के कारण कट गए। इजससे पशुधन, चारे और खेती को भारी नुकसान हुआ है।

प्रांतीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के अनुसार, प्रांत में हजारों लोग बेघर हो गए हैं, क्योंकि बाढ़ ने पूरे गांव और यहां तक कि कस्बों और शहरों में घरों को भी बहा दिया या नष्ट कर दिया है।

प्रभावित लोग हफ्तों से बिजली, दवाइयां, स्वच्छ पेयजल और इंटरनेट जैसी आवश्यक सेवाओं के बिना रह रहे हैं। एक सरकारी अधिकारी ने बताया कि सूबे में चीन-पाकिस्तान आर्थिक गलियारा परियोजनाओं का काम भी बाढ़ की चपेट में आ गया है। उसे बहाल होने में कुछ समय लगेगा।

पाकिस्तान में बारिश से जुड़ीं घटनाओं में जून के मध्य से अब तक 1,200 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है।

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