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सोशल मीडिया पर सऊदी अरब की ‘छवि धूमिल करने’ के लिए महिला को 45 साल की कैद
‘एसोसिएटेड प्रेस’ और मानवाधिकार समूहों द्वारा देखे गए आरोप पत्र में कहा गया है कि यह मामला सोशल मीडिया के इस्तेमाल से जुड़ा है
 
सऊदी अरब अधिकारियों ने प्रतिक्रिया के अनुरोध पर कोई जवाब नहीं दिया है

दुबई/भाषा। सऊदी अरब की एक अदालत ने सोशल मीडिया पर कथित रूप से देश की छवि धूमिल करने के मामले में एक महिला को 45 वर्ष के कारावास की सजा सुनाई है। बुधवार को उपलब्ध अदालती दस्तावेज में यह जानकारी दी गई है।

सजा पाने वाली महिला नूरा बिन्त सईद अल-कहतानी के बारे में ज्यादा जानकारी उपलब्ध नहीं है। बताया गया है कि वह सऊदी अरब के सबसे बड़े कबीलों में से एक से संबंध रखती है।

‘एसोसिएटेड प्रेस’ और मानवाधिकार समूहों द्वारा देखे गए आरोप पत्र में कहा गया है कि यह मामला सोशल मीडिया के इस्तेमाल से जुड़ा है। सऊदी अरब अधिकारियों ने प्रतिक्रिया के अनुरोध पर कोई जवाब नहीं दिया है।

इस महीने की शुरुआत में आपराधिक मामलों पर सुनवाई करने वाली विशेष अदालत ने सऊदी अरब के आतंकवाद रोधी व साइबर कानूनों के तहत कहतानी को सजा सुनाई।

कहतानी को दोषी करार दिया जा चुका था, जिसके खिलाफ उन्होंने विशेष अदालत में अपील की। विशेष अदालत ने उनकी याचिका पर सुनवाई करते हुए सजा सुनाई।

आरोप पत्र में कहतानी की सोशल मीडिया गतिविधियों का हवाला देते हुए कहा गया है कि न्यायाधीशों ने उन्हें सामाजिक एकता को नुकसान पहुंचाने और सामाजिक ताने-बाने को अस्थिर करनेष्का दोषी पाया है। हालांकि यह स्पष्ट नहीं हुआ है कि कहतानी ने क्या चीज ऑनलाइन पोस्ट की थी और मामले की सुनवाई कहां हुई।

मानवाधिकारों पर नजर रखने वाली वाशिंगटन स्थित संस्था ‘डेमोक्रेसी फॉर द अरब वर्ल्ड नाओ’ के अनुसार कहतानी को चार जुलाई, 2021 को हिरासत में लिया गया था।

इस महीने की शुरुआत में सऊदी अरब की नागरिक और इंग्लैंड के लीड्स विश्वविद्यालय से डॉक्टरेट की छात्रा सलमा अल-शहाब को भी ऐसे ही मामले में 34 वर्ष के कारावास की सजा सुनाई गई थी, जिसके लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर काफी आक्रोश फैल गया था।

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