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अखिलेश को अयोध्या से इतना बैर था कि नाम तक नहीं लेना चाहते थे: योगी
अयोध्या में 2000 छात्र-छात्राओं को टैबलेट और स्मार्ट फोन किए वितरित
 
मुख्यमंत्री योगी ने अखिलेश पर तंज किया

अयोध्या। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने समाजवादी पार्टी (सपा) के अध्यक्ष अखिलेश यादव पर तंज कसते हुए कहा कि जिन्हें अयोध्या से इतना बैर था कि नाम तक नहीं लेना चाहते थे, उन्हें अब राम का नाम लेना ही पड़ता है।

योगी ने शुक्रवार को अयोध्या में 2000 छात्र-छात्राओं को टैबलेट और स्मार्ट फोन वितरण कार्यक्रम में कहा कि पिछली सरकार का पहला फैसला था, रामजन्म भूमि पर आतंकी हमला करने वालों के मुकदमे वापस लिए जाएं। उन्होंने कहा कि इन लोगों को गरीबों, युवाओं और बेटियों की चिंता नहीं थी। उन्हें आतंकवादियों की चिंता थी।
इस दौरान योगी ने 49.74 करोड़ रुपए की लागत से इंटेलीजेंस ट्रैफिक मैनिजमेंट सिस्टम के पहले चरण का लोकार्पण और अयोध्या विकास प्राधिकरण की कलश कुंज आवासीय परियोजना का भी शुभारंभ किया। इस अवसर पर जनसभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री योगी ने अखिलेश पर तंज किया, आज लोगों के सपने में भगवान कृष्ण आ रहे हैं। वह कोसते होंगे कि जब सत्ता थी, तो पहले मथुरा में ही दंगा करवा दिया और जब कुछ अवसर मिला, तो जवाहरबाग कांड करवा दिया। उल्लेखनीय है कि हाल ही में अखिलेश ने कहा था कि सपने में भगवान कृष्ण ने उनसे कहा है कि उत्तर प्रदेश में सपा की सरकार बन रही है।
योगी ने कहा कि पिछली सरकार में मुख्यमंत्री आवास पर दंगाइयों को बुलाकर सम्मानित किया जाता था, युवाओं की नौकरी पर डकैती डाली जाती थी और बेटियों की सुरक्षा पर कहते थे, गलती हो जाती है। उन्होंने कहा कि अब वर्तमान सरकार में गलती नहीं होती। जब कोई गरीब की जमीन पर कब्जा करता है, तो प्रदेश सरकार का बुलडोजर उसके पीछे चलता है। उन्होंने अयोध्या को विश्वस्तरीय नगरी बनाने के संकल्प को दोहराते हुये कहा कि अयोध्या को तकनीकी दृष्टि से इतना सक्षम बनाना होगा कि कोई आए, तो कह सके कि मुस्कुराइये कि आप अयोध्या में हैं। योगी ने कहा कि इसका एक उदाहर जल्द ही अयोध्या में बनने वाला इंटरनेशनल एयरपोर्ट होगा।