नम आंखों से शहीद भूपेंद्र सिंह को दी गई अंतिम विदाई

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भिवानी/भाषा
चार दिन पहले कश्मीर में शहीद हुए भूपेंद्र सिंह चौहान को बुधवार को हजारों लोगों ने नम आखों से अंतिम विदाई दी।उनका पार्थिव शरीर बुधवार सुबह चरखी दादरी के बास गांव पहुंचा। यहां राजकीय और सैन्य सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार किया गया। छोटे भाई दीपक ने उन्हें मुखाग्नि दी। वहीं, सात महीने के बेटे ने शहीद पिता को हाथ जोड़कर नमन किया। पत्नी और पिता ने भी शहीद को सैल्यूट करके अंतिम विदाई दी।

सांसद धर्मबीर सिंह,विधायक सोमबीर सांगवान, उपायुक्त व पुलिस अधीक्षक सहित हजारों ग्रामीण इस मौके पर मौजूद रहे। गौरतलब है कि पांच सितंबर शनिवार को जम्मू-कश्मीर के बारामूला जिले में नियंत्रण रेखा पर पाकिस्तान की ओर से की गई गोलाबारी में भूपेंद्र सिंह शहीद हो गए थे।

भिवानी-महेंद्रगढ़ लोकसभा क्षेत्र के सांसद धर्मबीर सिंह, दादरी के विधायक एवं हरियाणा पशुधन विकास बोर्ड के चेयरमैन सोमबीर सांगवान, पूर्व मंत्री सतपाल सांगवान, उपायुक्त शिवप्रसाद शर्मा एवं पुलिस अधीक्षक बलवान सिंह राणा ने पुष्प चक्र अर्पित कर शहीद भूपेंद्र सिंह को श्रद्घासुमन अर्पित किए। सेना की ओर से मेजर जार्ज फर्नांडीज प्रिंस ने शहीद को श्रद्धांजलि दी।

शहीद भूपेंद्र सिंह मात्र 23 साल के थे। गत 15 मार्च को ही एक माह की छुट्टी काटकर ड्यूटी पर लौटे थे। उनकी शादी 18 माह पहले हुई थी और सात माह पहले वह बेटे के पिता बने थे। शहीद भूपेंद्र सिंह 2015 में सेना में बतौर सिपाही भर्ती हुए थे। पिछले तीन साल से भूपेंद्र सिंह की तैनाती बारामुला में थी। भूपेंद्र सिंह दो भाइयों में बड़े थे।

पिता मल्खान सिंह ने बताया कि परिवार बेटे को खोने का गम तो है, लेकिन उनकी शहादत का गर्व भी है। शहीद भूपेंद्र सिंह के छोटे भाई दीपक ने बताया कि वह भी सेना में भर्ती होने के लिए तैयारी कर रहा है और भाई की शहादत के बाद उसका इरादा और मजबूत हुआ है।