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कोविड-19: देश में आज से 18-59 साल तक के लोग सरकारी केंद्रों पर मुफ्त लगवा सकेंगे एहतियाती खुराक
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री ने निर्माण भवन में टीकाकरण शिविर में ‘कोविड टीकाकरण अमृत महोत्सव’ की शुरुआत की
 
60 साल से अधिक उम्र के 16.80 करोड़ लोगों और स्वास्थ्य कर्मियों एवं अग्रिम मोर्चे के कर्मियों में से 25.84 प्रतिशत लोग एहतियाती खुराक ले चुके हैं

नई दिल्ली/भाषा। देश में 18 साल और उससे अधिक आयु के लोग सरकारी टीकाकरण केंद्रों पर कोविड-19 रोधी टीके की एहतियाती खुराक शुक्रवार से मुफ्त लगवा सकेंगे। इसके लिए केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने 75 दिन का एक विशेष अभियान शुरू किया है।

कोविड-19 रोधी टीकों की एहतियाती खुराकों के प्रति जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से भारत की आजादी की 75वीं वर्षगांठ मनाने के लिए ‘आजादी का अमृत महोत्सव’ के तहत यह अभियान चलाया जा रहा है।

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मांडविया ने शुक्रवार को निर्माण भवन में टीकाकरण शिविर में ‘कोविड टीकाकरण अमृत महोत्सव’ की शुरुआत की। शिविर के बाहर कई अधिकारी तथा कर्मचारी एहतियाती खुराक लेने के लिए कतारों में खड़े नजर आए।

एक आधिकारिक सूत्र ने बताया कि अभी तक 18 से 59 साल की 77.10 करोड़ पात्र आबादी में से एक प्रतिशत से भी कम को एहतियाती खुराक दी गयी हैं। हालांकि, 60 साल से अधिक उम्र के 16.80 करोड़ लोगों और स्वास्थ्य कर्मियों एवं अग्रिम मोर्चे के कर्मियों में से 25.84 प्रतिशत लोग एहतियाती खुराक ले चुके हैं।

एक अधिकारी ने पहले कहा था, ‘भारत की अधितर आबादी ने नौ महीने पहले अपनी दूसरी खुराक लगवा ली थी। आईसीएमआर (भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद) और अन्य अंतरराष्ट्रीय अनुसंधान संस्थानों में किए गए अध्ययनों के अनुसार, टीके की दो शुरुआती खुराक लेने के बाद लगभग छह महीने में ‘एंटीबॉडी’ का स्तर कम होने लगता है और एहतियाती खुराक लेने से प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है।’

केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव राजेश भूषण ने बृहस्पतिवार को हुई बैठक में राज्यों तथा केंद्र शासित प्रदेशों से विभिन्न यात्रा मार्गों, साथ ही कार्यालय परिसरों, रेलवे स्टेशन, स्कूल और कॉलेज में विशेष टीकाकरण शिविर लगाने का आग्रह किया था, ताकि 18 वर्ष तथा उससे अधिक आयु के सभी लोगों को कोविड-19 रोधी टीके की एहतियाती खुराक दी जा सके।

राज्यों तथा केंद्र शासित प्रदेशों को चार धाम यात्रा (उत्तराखंड), अमरनाथ यात्रा (जम्मू-कश्मीर), कांवड़ यात्रा (उत्तर भारत के सभी राज्यों तथा केंद्र शासित प्रदेशों में) के मार्गों पर और बड़े मेलों तथा सम्मेलनों में भी विशेष टीकाकरण शिविर लगाने का सुझाव दिया गया है।

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