वैक्सीन निर्माण से बहुत बड़ा ब्रांड बन गया भारत, नई ऊंचाई पर पहुंच रहीं साख और पहचान: मोदी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी। फोटो स्रोत: भाजपा ट्विटर अकाउंट।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी। फोटो स्रोत: भाजपा ट्विटर अकाउंट।

नई दिल्ली/दक्षिण भारत। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को पीएलआई योजना को लेकर बजट प्रावधानों पर आयोजित एक वेबिनार को संबोधित करते हुए कहा कि सरकार घरेलू स्तर पर विनिर्माण को बढ़ावा देने के लिए सुधारों को आगे बढ़ा रही है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि इतनी बड़ी तादाद में हिंदुस्तान के सभी कोनों से आप सबका इस महत्वपूर्ण वेबिनार में सम्मिलित होना, अपने आप में इसका महत्व दर्शाता है। देश का बजट और देश के लिए पॉलिसी मेकिंग सिर्फ सरकारी प्रक्रिया न रहे, देश के विकास से जुड़े हर स्टेक होल्डर्स का इसमें इफेक्टिव एंगेजमेंट हो।

प्रधानमंत्री ने कहा कि इसी क्रम में आज मैन्यूफैक्चरिंग सेक्टर, मेक इन इंडिया को ऊर्जा देने वाले आप सभी महत्वपूर्ण साथियों से चर्चा हो रही है। हमारे सामने दुनियाभर से उदाहरण हैं जहां देशों ने अपनी विनिर्माण क्षमताओं को बढ़ाकर, देश के विकास को गति दी है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि बढ़ती हुई विनिर्माण क्षमताएं देश में रोजगार सृजन को भी उतना ही बढ़ाती हैं। हमारी सरकार मानती है कि हर चीज़ में सरकार का दखल समाधान के बजाय समस्याएं ज्यादा पैदा करता है। इसलिए हम सेल्फ-रेगुलेशन, सेल्फ-रेगुलेशन, सेल्फ-सर्टिफिकेशन पर जोर दे रहे हैं।

प्रधानमंत्री ने कहा कि ये पीएलआई जिस सेक्टर के लिए है, उसको तो लाभ हो ही रहा है, इससे उस सेक्टर से जुड़े पूरे इकोसिस्टम को फायदा होगा। ऑटो और फार्मा में पीएलआई से, ऑटो पार्ट्स, चिकित्सा उपकरण और दवाओं के रॉ मटीरियल से जुड़ी विदेशी निर्भरता बहुत कम होगी।

प्रधानमंत्री ने कहा कि उन्नत सेल बैटरी, सौर पीवी मॉड्यूल और स्पेशियलिटी स्टील को मिलने वाली मदद से देश में एनर्जी सेक्टर आधुनिक होगा। इसी तरह टेक्सटाइल और खाद्य प्रसंस्करण सेक्टर को मिलने वाली पीएलआई से हमारे पूरे एग्रीकल्चर सेक्टर को लाभ होगा।

प्रधानमंत्री ने कहा कि आपने कल ही देखा है कि भारत के प्रस्ताव के बाद, संयुक्त राष्ट्र ने वर्ष 2023 को बाजरा का अंतरराष्ट्रीय वर्ष घोषित किया है। भारत के इस प्रस्ताव के समर्थन में 70 से ज्यादा देश आए थे। फिर यूएन महासभा में ये प्रस्ताव, सर्वसम्मति से स्वीकार किया गया।

प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत आज जिस नम्रता और कर्त्तव्यभाव से मानवता की सेवा कर रहा है, इससे पूरी दुनिया में अपने आप में एक बहुत बड़ा ब्रांड बन गया है। भारत की साख और पहचान निरंतर नई ऊंचाई पर पहुंच रही हैं।

प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत में आज जो विमान वैक्सीन की लाखों डोज लेकर दुनियाभर में जा रहे हैं, वो खाली नहीं आ रहे हैं। वो अपने साथ भारत के प्रति बढ़ा हुआ भरोसा, भारत के प्रति आत्मीयता, स्नेह और आशीर्वाद एक भावात्मक लगाव लेकर आ रहे हैं।

प्रधानमंत्री ने कहा कि आज भारत एक ब्रांड बन चुका है। अब आपको सिर्फ अपने प्रॉडक्ट की पहचान बनानी है। अब आपको ज्यादा मेहनत नहीं करनी है। अगर मेहनत करनी है तो उत्पादन की गुणवत्ता पर करनी है।