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बिहार के कई जिलों में लगातार दूसरे दिन ‘अग्निपथ’ योजना को लेकर विरोध-प्रदर्शन जारी
इस योजना के तहत सेना, नौसेना और वायु सेना में अल्पकालिक अनुबंध के आधार पर भर्ती की जाएगी
 
प्रदर्शनकारियों ने जहानाबाद और बक्सर जिलों में रेल पटरियों पर धरना देकर पटना-गया और पटना-बक्सर रेल मार्गों पर ट्रेनों की आवाजाही को रोक दिया

जहानाबाद/बक्सर/नवादा/भाषा। बिहार में केंद्र सरकार की सैन्य बलों में भर्ती की नई योजना 'अग्निपथ’ के खिलाफ लगातार दूसरे दिन बृहस्पतिवार को भी विरोध-प्रदर्शन जारी रहा। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने रेल मार्ग तथा राजमार्ग पर लकड़ी तथा टायर जलाकर यातायात बाधित किया।

इस योजना के तहत सेना, नौसेना और वायु सेना में अल्पकालिक अनुबंध के आधार पर भर्ती की जाएगी।

प्रदर्शनकारियों ने जहानाबाद और बक्सर जिलों में रेल पटरियों पर धरना देकर पटना-गया और पटना-बक्सर रेल मार्गों पर ट्रेनों की आवाजाही को रोक दिया, हालांकि स्थानीय पुलिस ने रेलवे पुलिस की मदद से प्रदर्शनकारियों को तत्काल पटरियों से हटा दिया। प्रदर्शनकारियों ने ‘अग्निपथ’ योजना को रद्द करने की मांग को लेकर जहानाबाद में राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या-83 पर टायर जलाए और वहां धरना भी दिया।

नवादा रेलवे स्टेशन पर भी प्रदर्शनकारियों ने हंगामा किया। वहां प्रदर्शनकारी सेना में भर्ती की नई व्यवस्था के प्रति अपना विरोध दर्ज कराने के लिए पटरियों पर व्यायाम करते दिखे।

नवादा में आक्रोशित युवाओं ने कुछ दुकानों को जबरन बंद कराने की कोशिश की। नई व्यवस्था को वापस लिए जाने की मांग कर रहे आक्रोशित प्रदर्शनकारियों ने जहानाबाद, बक्सर, नवादा सहित राज्य के कई हिस्सों के जुलूस निकाला।

केंद्र की इस योजना के तहत तीनों सेनाओं में इस साल करीब 46,000 सैनिक भर्ती किए जाएंगे। चयन के लिए पात्रता आयु साढ़े 17 वर्ष से 21 वर्ष के बीच होगी और इन्हें ‘अग्निवीर’ नाम दिया जाएगा।

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