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ज्ञानवापी मस्जिद परिसर का सर्वे-वीडियोग्राफी कार्य आज नहीं होगा, यहां जानिए वजह
अदालत ने सर्वे के लिए सुबह आठ बजे से दोपहर 12 बजे तक का समय निर्धारित किया है
 
ज्ञानवापी-शृंगार गौरी परिसर का सर्वेक्षण-वीडियोग्राफी कार्य शनिवार से शुरू होने की संभावना है

वाराणसी/भाषा। उत्तर प्रदेश के वाराणसी जिले में ज्ञानवापी मस्जिद परिसर का सर्वे और वीडियोग्राफी कार्य शुक्रवार को नहीं किया जाएगा। वादी हिंदू पक्ष की ओर से पेश अधिवक्ता ने यह जानकारी दी।

उन्होंने बताया कि ज्ञानवापी-शृंगार गौरी परिसर का सर्वेक्षण-वीडियोग्राफी कार्य शनिवार से शुरू होने की संभावना है।

अधिवक्ता के मुताबिक, सर्वे टीम शुक्रवार को आपस में मंत्रणा कर संभवतः शनिवार से मस्जिद परिसर का सर्वे-वीडियोग्राफी कार्य शुरू करेगी। अदालत ने सर्वे के लिए सुबह आठ बजे से दोपहर 12 बजे तक का समय निर्धारित किया है।

वहीं, मुस्लिम पक्ष के अधिवक्ता ने कहा कि यह फैसला हमें स्वीकार्य नहीं है। हम आपसी बातचीत के बाद निचली अदालत के इस फैसले के खिलाफ उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखाएंगे।

हिंदू पक्ष के अधिवक्ता मदन मोहन यादव ने बताया कि सिविल जज (सीनियर डिवीजन) रवि कुमार दिवाकर की अदालत ने सर्वे टीम को ज्ञानवापी मस्जिद समेत पूरे परिसर का सर्वे कार्य पूरा कर 17 मई तक रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया है।

उन्होंने कहा कि शुक्रवार को पूरी सर्वे टीम आपस में मंत्रणा कर संभवत: शनिवार से सर्वे-वीडियोग्राफी कार्य शुरू करेगी।

मदन मोहन के मुताबिक, सर्वे के दौरान तीनों अधिवक्ता आयुक्त के साथ दोनों पक्षों के पांच-पांच अधिवक्ता और एक सहायक के अलावा वीडियोग्राफी टीम वहां मौजूद रहेगी।

उन्होंने बताया कि अदालत ने जिलाधिकारी और पुलिस आयुक्त को सर्वे टीम की सुरक्षा सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है।

मदन मोहन के अनुसार, अदालत ने कहा है कि यदि सर्वे कार्य में किसी व्यक्ति या पक्ष द्वारा कोई अवरोध उत्पन्न किया जाता है तो जिला प्रशासन उसके खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर उचित करवाई करे।

वहीं, मुस्लिम पक्ष के अधिवक्ता अभय नाथ यादव ने कहा, “इस फैसले को चुनौती देने के लिए हमारे पास चार दिन का समय है। हम आपसी बातचीत के बाद इस फैसले के खिलाफ उच्च न्यायालय का रुख कर सकते हैं।”

उच्चतम न्यायालय में मामले की सुनवाई के बारे में पूछे जाने पर अभय नाथ ने कहा कि उन्हें इस बारे में ज्यादा जानकारी नहीं है।

अभय नाथ ने कहा, जहां तक ज्ञानवापी मस्जिद इंतजामिया कमेटी का संबंध है, हम वाराणसी की अदालत द्वारा पारित आदेश के खिलाफ उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाने पर विचार कर रहे हैं।

उल्लेखनीय है कि वाराणसी की अदालत ने ज्ञानवापी-शृंगार गौरी परिसर के सर्वे-वीडियोग्राफी कार्य के लिए नियुक्त कोर्ट कमिश्नर को पक्षपात के आरोप में हटाने की मांग वाली याचिका बृहस्पतिवार को खारिज कर दी थी।

अदालत ने स्पष्ट किया था कि ज्ञानवापी मस्जिद के अंदर भी वीडियोग्राफी कराई जाएगी। दीवानी अदालत के न्यायाधीश (सीनियर डिवीजन) दिवाकर ने कोर्ट कमिश्नर अजय मिश्रा को हटाने की मांग ठुकराते हुए विशाल सिंह को विशेष कोर्ट कमिश्नर और अजय प्रताप सिंह को सहायक कोर्ट कमिश्नर के तौर पर नियुक्त किया था।

अदालत ने इसके साथ ही संपूर्ण परिसर की वीडियोग्राफी करके 17 मई तक रिपोर्ट पेश करने के निर्देश दिए थे। इस बीच, टीवी चैनलों पर प्रसारित रिपोर्ट में देखा जा सकता है कि मुस्लिम समाज के लोग शुक्रवार को ज्ञानवापी मस्जिद में कड़ी सुरक्षा के बीच नमाज अदा करने जा रहे हैं।

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