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लाउडस्पीकर पर अज़ान को लेकर दाखिल याचिका इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने खारिज की

न्यायालय की कड़ी टिप्पणी- मस्जिद पर लाउडस्पीकर लगाना मौलिक अधिकार नहीं है

 
आदेश जस्टिस विवेक कुमार बिरला और जस्टिस विकास की डिवीजन बेंच ने दिया है

प्रयागराज/दक्षिण भारत। मस्जिदों में लाउडस्पीकर पर अज़ान को लेकर इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने महत्वपूर्ण टिप्पणी की है। उसने कहा है कि मस्जिद पर लाउडस्पीकर लगाना मौलिक अधिकार नहीं है। इसके साथ ही न्यायालय ने उस याचिका को खारिज कर दिया जिसमें मस्जिद पर लाउडस्पीकर लगाने की मांग की गई थी।

उल्लेखनीय है कि देशभर में मस्जिदों पर लाउडस्पीकर में अज़ान बहस का विषय है। अब तक कई लोग यह शिकायत कर चुके हैं कि लाउडस्पीकर में दी गई अज़ान की वजह से उनकी नींद और दैनिक कार्यों में खलल पड़ता है। अब उच्च न्यायालय की टिप्पणी के बाद स्थिति स्पष्ट हो चुकी है कि लाउडस्पीकर का मस्जिद में इस्तेमाल कोई संवैधानिक अधिकार नहीं है।

याचिका में यह दलील
उक्त आदेश जस्टिस विवेक कुमार बिरला और जस्टिस विकास की डिवीजन बेंच ने दिया है। याचिका में इरफान नामक व्यक्ति ने बदायूं जिले के बिसौली एसडीएम के 3 दिसंबर, 2021 के आदेश को चुनौती देते हुए मांग की थी कि उसे मस्जिद पर लाउडस्पीकर लगाने की इजाजत दी जाए।

इरफान की दलील थी कि एसडीएम के आदेश से उसके कानूनी अधिकारों का हनन हुआ है, लिहाजा यह अवैधानिक है।

एसडीएम ने अपने आदेश में धोरनपुर गांव की नूरी मस्जिद में लाउडस्पीकर की अनुमति देने से इन्कार किया था। उच्च न्यायालय ने याचिका खारिज करते हुए सख्त टिप्पणी की है।

पहले भी आ चुके मामले
गौरतलब है कि अप्रैल 2017 में गायक सोनू निगम भी यह शिकायत कर चुके हैं कि लाउडस्पीकर पर अज़ान की वजह से उनकी नींद बाधित होती है। मार्च 2021 में इलाहाबाद सेंट्रल यूनिवर्सिटी की वाइस चांसलर डॉ. संगीता श्रीवास्तव ने मस्जिद में अज़ान के दौरान लाउडस्पीकर के उपयोग से नींद बाधित होने की शिकायत की थी। उन्होंने प्रशासन से मांग की थी कि अज़ान के समय लाउडस्पीकर के उपयोग पर रोक लगाई जाए। शिकायत में कहा गया था कि रमज़ान में तो पूरे एक माह तक नींद में दिक्कत होती है।

उल्लेखनीय है कि इस संबंध में उच्चतम न्यायालय की गाइडलाइंस हैं, जिनके मुताबिक रात 10 बजे से सुबह 6 बजे तक लाउडस्पीकर का उपयोग नहीं किया जा सकता। ऑडिटोरियम, कॉन्फ्रेंस हॉल, कम्युनिटी और बैंक्वेट हॉल आदि बंद जगहोंं पर तय नियमों का पालन करते हुए उपयोग किया जा सकता है।

हाल में उत्तर प्रदेश में कई मस्जिद कमेटियों ने फैसला किया था कि वे अज़ान के लिए लाउडस्पीकर का उपयोग सीमित या बंद करेंगी। महाराष्ट्र में राज ठाकरे की पार्टी मनसे अज़ान के दौरान लाउडस्पीकर के उपयोग का विरोध कर रही है।

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