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हर वार्ड में शिकायत प्रकोष्ठ स्थापित करे बीबीएमपीः कर्नाटक उच्च न्यायालय
हर प्रकोष्ठ में एक इंजीनियर होगा, जो जनता की शिकायतें सुनेगा
 
सुनवाई के दौरान बीबीएमपी अधिवक्ता ने अदालत को शहर में बाढ़ को रोकने के लिए उठाए जा रहे कदमों की जानकारी दी

बेंगलूरु/दक्षिण भारत। कर्नाटक उच्च न्यायालय ने बुधवार को शहर के नगर निकाय बृहत् बेंगलुरु महानगर पालिका (बीबीएमपी) को निर्देश दिया कि वह यहां कई क्षेत्रों में भारी बारिश और बाढ़ की स्थिति से प्रभावित नागरिकों की शिकायतों को दूर करने के लिए तुरंत प्रकोष्ठ स्थापित करे।

दिशा-निर्देश में बेंगलूरु के प्रत्येक वार्ड में एक प्रकोष्ठ स्थापित करने का आदेश दिया गया है।

हर प्रकोष्ठ में एक इंजीनियर होगा, जो जनता की शिकायतें सुनेगा। न्यायालय ने कहा, ‘प्रत्येक वार्ड में वार्ड इंजीनियर को निवासियों की शिकायत से निपटने के लिए सूचित किया जाएगा।’

अदालत ने बीबीएमपी को हर वार्ड के लिए इंजीनियरों की एक टीम की स्थापना को सूचित करने का भी निर्देश दिया, जो निवासियों की शिकायतों को सुनेंगे और व्यवस्थित जल प्रवाह का प्रबंधन करेंगे।

इसने नागरिक एजेंसी को इस तरह के प्रस्ताव में तेजी लाने और जल्द से जल्द राज्य सरकार की मंजूरी प्राप्त करने का निर्देश दिया।

कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश आलोक अराधे की अध्यक्षता वाली न्यायालय की खंडपीठ बीबीएमपी द्वारा सड़कों के कथित ‘खराब प्रबंधन’ के बारे में एक जनहित याचिका पर सुनवाई कर रही थी।

सुनवाई के दौरान बीबीएमपी अधिवक्ता ने अदालत को शहर में बाढ़ को रोकने के लिए उठाए जा रहे कदमों की जानकारी दी। न्यायालय को बताया गया कि बेंगलूरु की सभी झीलों में स्लुज गेट लगाए जाएंगे।

बीबीएमपी ने बताया कि तत्काल उपाय के रूप में, पंपों का उपयोग करके बाढ़ वाले क्षेत्रों से पानी निकाला जा रहा है।

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