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एकनाथ शिंदे को शिवसेना के विधायक दल के नेता पद से हटाया जाना वैध: विधानसभा उपाध्यक्ष
शिंदे ने बुधवार को विधानसभा उपाध्यक्ष को एक पत्र भेजा था, जिस पर 35 विधायकों के हस्ताक्षर थे
 
शिवसेना ने पार्टी से विद्रोह करने और पार्टी के कुछ विधायकों के साथ गुजरात के सूरत चले जाने के कुछ घंटे बाद मंगलवार को शिंदे को विधायक दल के नेता के पद से हटा दिया था

मुंबई/भाषा। महाराष्ट्र विधानसभा के उपाध्यक्ष नरहरि जिरवाल ने बृहस्पतिवार को कहा कि उन्होंने बागी विधायक एकनाथ शिंदे की जगह अजय चौधरी को सदन में शिवसेना का विधायक दल का नेता नियुक्त किए जाने को मंजूरी दे दी है।

शिवसेना ने पार्टी से विद्रोह करने और पार्टी के कुछ विधायकों के साथ गुजरात के सूरत चले जाने के कुछ घंटे बाद मंगलवार को शिंदे को विधायक दल के नेता के पद से हटा दिया था। शिंदे के कदम से महाराष्ट्र की महा विकास आघाड़ी (एमवीए) सरकार पर खतरा मंडराने लगा, जिसमें शिवसेना, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) और कांग्रेस शामिल हैं।

जिरवाल ने बृहस्पतिवार को यहां पत्रकारों से बात करते हुए कहा, 'मुझे शिवसेना की ओर से एक पत्र मिला है, जिसमें सूचित किया गया है कि उसने अजय चौधरी को विधानसभा में विधायक दल का नेता नियुक्त किया है और शिंदे को तत्काल प्रभाव से पद से हटा दिया है।'

उन्होंने कहा, 'मैंने मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे द्वारा भेजा गया वह पत्र स्वीकार कर लिया है।' जिरवाल ने कहा कि शिवसेना के विधायक दल के नेता के पद से शिंदे को हटाया जाना वैध है।

गौरतलब है कि शिंदे ने बुधवार को विधानसभा उपाध्यक्ष को एक पत्र भेजा था, जिस पर 35 विधायकों के हस्ताक्षर थे। इसमें सुनील प्रभु की जगह भरत गोगावले को शिवसेना विधायक दल का मुख्य सचेतक बनाने की बात कही गई थी।

शिंदे के पत्र के बारे में पूछे जाने पर जिरवाल ने कहा, ' पार्टी से संबंधित इस तरह के मामलों में निर्दलीय विधायकों की कोई भूमिका नहीं होती। (बागी नेता के साथ सूरत गए शिवसेना) के विधायक नितिन देशमुख ने दावा किया है कि उन्होंने शिंदे द्वारा जारी पत्र पर हस्ताक्षर नहीं किए हैं। मैं इसपर गौर करूंगा और कानूनी विशेषज्ञों की राय लेकर फैसला लूंगा।'

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