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स्मृति ईरानी ने पूरा किया वादा, अमेठी की बेटी इसरो रवाना
नीतू मौर्या को तिलक लगाकर और माला पहनाकर इसरो के लिए रवाना किया
 
10 मई को स्मृति ईरानी के अमेठी दौरे के दौरान छात्रा नीतू मौर्या ने सांसद से से इसरो जाने की बात कही थी

अमेठी/भाषा। केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी ने अमेठी की बेटी से किया अपना वादा पूरा किया और उनके प्रयास से छात्रा नीतू मौर्या भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) के लिए बृहस्पतिवार को रवाना हो गईं।

नीतू मौर्या ने इसरो रवाना होने से पहले अपने घर पर पूजा की और उसके बाद गाजे-बाजे के साथ नीतू को इसरो के लिए रवाना किया गया।

गौरतलब है कि 10 मई को जिले के एक स्कूल की छात्रा की भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) जाने की इच्छा पर केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी ने तुरंत कहा था कि वह खुद उसे अगले महीने इसरो लेकर जाएंगी।

भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के जिलाध्यक्ष दुर्गेश त्रिपाठी समेत गांव के लोगों ने बृहस्पतिवार को नीतू मौर्या को तिलक लगाकर और माला पहनाकर इसरो के लिए रवाना किया।

भाजपा के जिला अध्यक्ष त्रिपाठी ने बताया कि 10 मई को स्मृति ईरानी के अमेठी दौरे के दौरान छात्रा नीतू मौर्या ने सांसद से से इसरो जाने की बात कही थी और उसी समय सांसद ने नीतू को इसरो भेजने का आश्वासन दिया था।

उन्होंने बताया कि स्मृति ईरानी के निर्देश पर वह नीतू मौर्या को लखनऊ हवाई अड्डे पर छोड़ने जा रहे हैं। 11 जून को छात्रा के इसरो भ्रमण के दौरान केंद्रीय मंत्री सांसद स्मृति ईरानी उनके साथ मौजूद रहेंगी।

भाजपा जिला अध्यक्ष ने कहा कि सांसद स्मृति ईरानी का प्रयास है कि अमेठी का चौमुखी विकास हो साथ ही यहां के छात्र-छात्राएं अच्छी शिक्षा हासिल कर आगे बढ़ें और क्षेत्र का नाम रोशन करें।

गौरतलब हैं कि 10 मई को गौरीगंज विधानसभा क्षेत्र के दुर्गन भवानी धाम के निकट एक निजी शिक्षण संस्थान का उद्घाटन करने पहुंचीं केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्री स्मृति ईरानी ने जब संजय गांधी पॉलिटेक्निक जगदीशपुर की छात्रा नीतू मौर्या को टैबलेट देते हुए पूछा था, ‘तुम आगे क्या करना चाहती हो?’ तो नीतू ने कहा था, ‘मैं इसरो जाना चाहती हूं और वैज्ञानिक बनना चाहती हूं।’

इस पर, केंद्रीय मंत्री ने कहा था, ‘यह छात्रा इसरो जाना चाहती है, वैज्ञानिक बनना चाहती हैं। इस छात्रा को मैं अगले महीने स्वयं इसरो लेकर जाऊंगी।’

उन्होंने कहा था कि अमेठी के लिए यह गर्व की बात है कि यहां की एक छात्रा इसरो जाना चाहती है और वैज्ञानिक बनना चाहती है। एक दिन नीतू जरूर अमेठी का नाम रोशन करेंगी।

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