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बसपा से निलंबित विधायकों के प्रति सपा ईमानदार होती तो उन्हें अधर में नहीं रखती: मायावती
 
बसपा से निलंबित विधायकों के प्रति सपा ईमानदार होती तो उन्हें अधर में नहीं रखती: मायावती
बसपा प्रमुख मायावती। फोटो स्रोत: ट्विटर अकाउंट।

लखनऊ/दक्षिण भारत। बहुजन समाज पार्टी (बसपा) प्रमुख मायावती ने समाजवादी पार्टी (सपा) पर तीखा हमला बोला है। दरअसल उन्होंने निलंबित विधायकों के सपा में शामिल होने को लेकर इस पार्टी पर निशाना साधा है।

मायावती ने कहा कि घृणित जोड़तोड़, द्वेष व जातिवाद आदि की संकीर्ण राजनीति में माहिर समाजवादी पार्टी द्वारा मीडिया के सहारे यह प्रचारित करना कि बसपा के कुछ विधायक टूट कर सपा में जा रहे हैं, घोर छलावा है।

मायावती ने कहा कि जबकि उन्हें काफी पहले ही सपा व एक उद्योगपति से मिलीभगत के कारण राज्यसभा के चुनाव में एक दलित के बेटे को हराने के आराप में बसपा से निलंबित किया जा चुका है।

मायावती ने कहा कि सपा अगर इन निलंबित विधायकों के प्रति थोड़ी भी ईमानदार होती तो अब तक इन्हें अधर में नहीं रखती, क्योंकि इनको यह मालूम है कि बसपा के यदि इन विधायकों को लिया तो सपा में बगावत व फूट पड़ेगी, जो बसपा में आने को आतुर बैठे हैं।

मायावती ने कहा कि जगजाहिर तौर पर सपा का चाल, चरित्र व चेहरा हमेशा ही दलित-विरोधी रहा है, जिसमें थोड़ा भी सुधार के लिए वह कतई तैयार नहीं। इसी कारण सपा सरकार में बसपा सरकार के जनहित के कामों को बंद किया और खासकर भदोई को नया संत रविदास नगर जिला बनाने को भी बदल डाला, जो अति-निंदनीय।

मायावती ने कहा कि वैसे बसपा के निलंबित विधायकों से मिलने आदि का मीडिया में प्रचारित करने के लिए कल किया गया सपा का यह नया नाटक उप्र में पंचायत चुनाव के बाद अध्यक्ष व ब्लॉक प्रमुख के चुनाव के लिए की गई पैंतरेबाजी ज्यादा लगती है। उप्र में बसपा जन आकांक्षाओं की पार्टी बनकर उभरी है जो जारी रहेगा।