logo
बेंगलूरु में पार्क के भीतर तरण ताल, जिम आदि का निर्माण नियमों के विरुद्ध: उच्च न्यायालय
निर्माण को रोकने के लिए राजाजीनगर के विधायक से स्थानीय लोगों ने कई बार अनुरोध किया था
 
कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश आलोक अराधे और न्यायमूर्ति जे एम काजी की पीठ ने यह आदेश दिया

बेंगलूरु/भाषा। कर्नाटक उच्च न्यायालय ने नगर निकाय बृहत बेंगलूरु महानगर पालिका (बीबीएमपी) को आदेश दिया है कि यहां राजाजीनगर में गायत्रीदेवी पार्क के भीतर तरण ताल या जिम का निर्माण नहीं किया जाए।

अदालत की खंडपीठ ने एक जनहित याचिका को अनुमति देते हुए कहा कि इस प्रकार के निर्माण ‘कर्नाटक पार्क, खेल के मैदान और खुले स्थान (संरक्षण एवं नियमन) अधिनियम 1985’ की धारा आठ (एक) और नियमावली 1985 (नियम छह) के विरुद्ध हैं। कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश आलोक अराधे और न्यायमूर्ति जे एम काजी की पीठ ने यह आदेश दिया।

राजाजीनगर विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र के प्रकाशनगर में बीबीएमपी वार्ड-98 में मरियप्पन पाल्या पार्क स्थित है। स्थानीय निवासी जे श्रीनिवास, आर लक्ष्मीनारायण, बीएस प्रवीण कुमार और बीके हरीश कुमार ने याचिका दायर की थी। वकील जीआर मोहन ने आरोप लगाया था कि भू-माफिया के प्रस्ताव के आधार पर, बीबीएमपी 'छह करोड़ रुपए की लागत से तरण ताल, खेल परिसर, मल्टी जिम, स्क्वाश कोर्ट और 26 बुर्ज' का निर्माण करने जा रही थी।

निर्माण को रोकने के लिए राजाजीनगर के विधायक से स्थानीय लोगों ने कई बार अनुरोध किया था। इसके बावजूद निर्माण प्रारंभ होने पर निवासियों ने उच्च न्यायालय का रुख किया।

<