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‘दुर्लभ’ और ‘उच्च लागत वाली’ बीमारियों से पीड़ित अजा/जजा के मरीजों को मदद देगी कर्नाटक सरकारः के सुधाकर
दुर्लभ और उच्च लागत वाली बीमारियों के लिए मौद्रिक सहायता दी जाएगी, जो केंद्र की आयुष्मान भारत योजना के तहत शामिल नहीं हैं
 
इस सहायता से अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति समुदायों से संबंधित मरीजों को बहुत लाभ होगा

बेंगलूरु/दक्षिण भारत। कर्नाटक के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. के सुधाकर ने गुरुवार को राज्य में अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के उन मरीजों के लिए मौद्रिक सहायता की घोषणा की, जो ‘दुर्लभ’ और ‘उच्च लागत वाली’ के रूप में वर्गीकृत बीमारियों से पीड़ित हैं।

मंत्री ने स्पष्ट किया कि दुर्लभ और उच्च लागत वाली बीमारियों के लिए मौद्रिक सहायता दी जाएगी, जो केंद्र की आयुष्मान भारत योजना के तहत शामिल नहीं हैं।

पूरा कर रहे प्रधानमंत्री का सपना
स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री बसवराज बोम्मई के नेतृत्व में कर्नाटक सरकार आयुष्मान भारत योजना के माध्यम से गरीबों और कमजोरों की मदद करने के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सपने को पूरा कर रही है।

उन्होंने कहा कि इस सहायता से अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति समुदायों से संबंधित मरीजों को बहुत लाभ होगा, क्योंकि अब इसे दुर्लभ और उच्च लागत वाली बीमारियों तक भी बढ़ाया जा रहा है।

ये हैं प्रावधान
मंत्री ने कहा कि आयुष्मान भारत आरोग्य कर्नाटक योजना के तहत वर्तमान में कई प्रकार की बीमारियों के लिए सहायता दी जा रही है। हालांकि, आयुष्मान भारत योजना के तहत कुछ दुर्लभ और उच्च लागत वाली बीमारियां शामिल नहीं हैं।

सुधाकर ने कहा कि ऐसी बीमारियों के लिए जहां सरकारी अस्पतालों में इलाज की सुविधा नहीं है, राज्य द्वारा सुवर्णा आरोग्य सुरक्षा ट्रस्ट के माध्यम से खर्च नहीं किए गए एससीएसपी/टीएसपी फंड आवंटन का उपयोग करके वित्तीय सहायता दी जाएगी।

उन्होंने कहा कि वर्तमान में कुल 23.18 करोड़ रुपए का बिना खर्च किया गया आवंटन मौजूद है और इसका उपयोग नई योजना के लिए किया जाएगा।

मिलेगी इतनी सहायता
मंत्री ने कहा, सरकार पीईटी स्कैन के लिए 10,000 रुपए, ऑटोलॉगस और एलोजेनिक बोन मैरो ट्रांसप्लांट के लिए क्रमशः 7 लाख रुपए और 21 लाख रुपए तथा रोबोटिक सर्जरी के लिए 1.5 लाख रुपए देगी।

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