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कोविड-19: कर्नाटक में 28 दिसंबर से 10 दिन के लिए रात्रिकालीन कर्फ्यू लागू
राज्य के स्वास्थ्य मंत्री के सुधाकर ने रविवार को यह जानकारी दी
 
सरकार ने नववर्ष पर सार्वजनिक स्थानों पर समारोह आयोजित करने और लोगों के जमावड़े पर भी प्रतिबंध लगा दिया है

बेंगलूरु/भाषा। कर्नाटक सरकार ने 28 दिसंबर से 10 दिन के लिए ‘रात्रिकालीन कर्फ्यू’ लगाने का फैसला किया है, जो रात 10 बजे से तड़के पांच बजे तक लागू रहेगा।

सरकार ने नववर्ष पर सार्वजनिक स्थानों पर समारोह आयोजित करने और लोगों के जमावड़े पर भी प्रतिबंध लगा दिया है। राज्य के स्वास्थ्य मंत्री के सुधाकर ने रविवार को यह जानकारी दी।

सुधाकर ने बताया कि 28 दिसंबर से रात 10 बजे से तड़के पांच बजे तक 10 दिन के लिए दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 144 लागू करके ‘रात्रिकालीन कर्फ्यू’ लगाया जाएगा। उन्होंने कहा, ‘इसलिए इन दिनों में रात 10 बजे के बाद कोई गतिविधि नहीं होगी।’

उन्होंने मुख्यमंत्री बसवराज बोम्मई की अध्यक्षता वाली मंत्रियों, अधिकारियों और कोविड तकनीकी सलाहकार समिति की उच्च स्तरीय बैठक के बाद संवाददाताओं से कहा कि नववर्ष पर बाह्य परिसरों पर समारोह आयोजित करने और लोगों के एकत्र होने पर प्रतिबंध रहेगा।

बोम्मई ने कहा, ‘बाहरी परिसरों पर खासकर डीजे का इस्तेमाल करने वाले उन समारोहों पर प्रतिबंध रहेगा, जिनमें बड़ी संख्या में लोगों के शामिल होने की संभावना होगी। कर्नाटक में इन पर पूर्ण प्रतिबंध होगा।’

मंत्री ने कहा कि भोजनालयों, होटल, पब और रेस्तरां में परिसर की क्षमता के 50 प्रतिशत लोगों को ही बैठने की अनुमति होगी।

सरकारी आदेशानुसार, 30 दिसंबर से दो जनवरी तक इन स्थानों में क्षमता के 50 प्रतिशत लोगों के ही बैठने की अनुमति होगी और इन स्थानों के कर्मचारियों का पूर्ण टीकाकरण कराना होगा।

मंत्री ने एक अन्य सवाल के जवाब में कहा कि ये प्रथम चरण की घोषणाएं हैं। उन्होंने कहा कि 10 दिन बाद हालात का विश्लेषण किया जाएगा और मुख्यमंत्री विशेषज्ञों से विचार-विमर्श के बाद फैसला करेंगे कि और प्रतिबंध लगाना आवश्यक है या नहीं। 

कर्नाटक में अभी तक कोरोना वायरस के नए स्वरूप ओमीक्रोन के 38 मामले सामने आ चुके हैं।

सरकार के रविवार को जारी आदेश के अनुसार, राज्य में विवाह समेत किसी भी समारोह, सभा और सम्मेलन में 28 दिसंबर से 300 से अधिक लोग शामिल नहीं हो सकेंगे और आयोजकों को कोविड-19 संबंधी प्रोटोकॉल का सख्ती से पालन सुनिश्चित करना होगा।

इसके अलावा, महाराष्ट्र एवं केरल से सटे जिलों में गश्त और सतर्कता बढ़ाई जाएगी, ताकि खासकर ओमीक्रोन के संक्रमण को रोका जा सके।

सुधाकर ने बताया कि कर्नाटक में 97 प्रतिशत पात्र आबादी को कोविड-19 की पहली खुराक और 75 प्रतिशत पात्र जनसंख्या को दूसरी खुराक भी दी जा चुकी है। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री के निर्देश दिया है कि अब सभी पात्र लोगों को पहली खुराक देने के लक्ष्य पर जोर दिया जाना चाहिए।

उन्होंने तीन जनवरी से 15 से 18 साल तक की आयु के किशोरों का टीकाकरण आरंभ किए जाने की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की घोषणा का स्वागत किया और बताया कि राज्य में इस आयुवर्ग के करीब 43 लाख किशोर हैं।

सुधाकर ने कहा कि मुख्यमंत्री राज्य में टीकाकरण मुहिम के इस चरण की शुरुआत करेंगे।

प्रधानमंत्री मोदी ने यह भी घोषणा की है कि 10 जनवरी से स्वास्थ्य कर्मियों एवं अग्रिम मोर्चे पर तैनात कर्मियों, अन्य गंभीर बीमारियों से ग्रसित 60 वर्ष से अधिक आयु के लोगों को चिकित्सकों की सलाह पर एहतियात के तौर पर टीकों की खुराक दिए जाने की शुरुआत की जाएगी। सुधाकर ने कहा, ‘हम इसे गंभीरता से लेंगे और रिकॉर्ड समय में तीसरी खुराक देने की कोशिश करेंगे।’

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