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बेंगलूरु के किशोर प्रणव आनंद बने भारत के 76वें शतरंज ग्रैंडमास्टर
प्रणव पहले ही ग्रैंडमास्टर खिताब के लिए आवश्यक शर्तों को पूरा कर चुके हैं
 
जुलाई में स्विट्जरलैंड में 5वें बील शतरंज महोत्सव में तीसरा और अंतिम ग्रैंडमास्टर मानदंड हासिल किया था

बेंगलूरु/दक्षिण भारत। रोमानिया के ममिया में चल रही विश्व युवा शतरंज चैंपियनशिप में 2,500 एलो अंक को पार करने के बाद बेंगलूरु के किशोर प्रणव आनंद भारत के 76वें ग्रैंडमास्टर बन गए।

15 वर्षीय प्रणव पहले ही ग्रैंडमास्टर खिताब के लिए आवश्यक शर्तों को पूरा कर चुके हैं। उन्होंने गुरुवार देर रात यह सम्मान हासिल किया।

ग्रैंडमास्टर बनने के लिए, एक खिलाड़ी को तीन जीएम मानदंडों को सिक्योर करना और 2,500 एलो पॉइंट्स की लाइव रेटिंग को पार करना होता है।

आनंद ने जुलाई में स्विट्जरलैंड में 5वें बील शतरंज महोत्सव में तीसरा और अंतिम ग्रैंडमास्टर मानदंड हासिल किया था।

आनंद के कोच वी सरवनन ने कहा, ‘वह शतरंज के प्रति जुनूनी है। खेल के प्रति अत्यधिक रुचि और जुनून रखता है। वह कितने भी घंटे काम कर सकता है।’

सरवनन ने विश्व युवा शतरंज चैंपियनशिप 2022 के अंडर-16 वर्ग में नौवें दौर की जीत के बारे में कहा, ‘वह गणना और एंड गेम्स में विशेष रूप से अच्छा है।. ये अभी उसकी दो सबसे बड़ी ताकत हैं।’

उन्होंने कहा, ‘इसके अलावा, प्रणव की उपलब्धि का सबसे महत्वपूर्ण कारण उसके परिवार, माता-पिता का समर्पण है ... उन्होंने इतना समय बिताया है और उसका सहयोग किया है। अगर महामारी नहीं होती, तो प्रणव एक साल पहले ग्रैंडमास्टर बन सकता था। वह उन सबसे प्रतिभाशाली बच्चों में से एक हैं, जिनसे मैं कभी मिला हूं।’

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