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शृंगार गौरी-ज्ञानवापी मस्जिद मामले में अदालत ने याचिका को सुनवाई योग्य माना
सिविल प्रक्रिया संहिता के आदेश 07 नियम 11 के तहत मामले में सुनवाई हो सकती है
 
शृंगार गौरी-ज्ञानवापी मस्जिद मामले में दायर याचिका सुनवाई योग्य है या नहीं, इस पर वाराणसी की अदालत के फैसले पर देशभर की निगाहें थीं

वाराणसी/दक्षिण भारत/भाषा। वाराणसी के शृंगार गौरी-ज्ञानवापी मस्जिद मामले में सोमवार को जिला अदालत ने फैसला सुनाया। उसने याचिका को सुनवाई योग्य करार दिया है। यह याचिका शृंगार गौरी में पूजा के अधिकार की मांग को लेकर दायर की गई थी। इस तरह अदालत के फैसले को हिंदू पक्ष  की जीत के तौर पर देखा जा रहा है।

अदालत ने फैसले में कहा है कि सिविल प्रक्रिया संहिता के आदेश 07 नियम 11 के तहत मामले में सुनवाई हो सकती है।

उल्लेखनीय है कि शृंगार गौरी-ज्ञानवापी मस्जिद मामले में दायर याचिका सुनवाई योग्य है या नहीं, इस पर वाराणसी की अदालत के फैसले पर देशभर की निगाहें थीं।

जिला न्यायाधीश एके विश्वेश ने सांप्रदायिक रूप से संवेदनशील इस मामले में पिछले महीने आदेश 12 सितंबर तक के लिए सुरक्षित रख लिया था।

पांच महिलाओं ने कथित तौर पर ज्ञानवापी मस्जिद की बाहरी दीवार पर स्थित हिंदू देवी देवताओं की मूर्तियों की प्रतिदिन पूजा-अर्चना करने की मंजूरी संबंधी याचिका अदालत में दाखिल की थी।

निचली अदालत के आदेश पर मई में ज्ञानवापी परिसर का वीडियोग्राफी सर्वे कराया गया था।

वाराणसी के पुलिस आयुक्त ए सतीश गणेश ने रविवार को बताया था कि ज्ञानवापी-शृंगार गौरी मामले में जिला अदालत द्वारा सोमवार को फैसला सुनाए जाने के मद्देनजर एहतियाती कदम के तहत वाराणसी कमिश्नरेट में धारा 144 लागू करने का निर्देश जारी कर दिया गया है। सभी पुलिस अधिकारियों को अपने क्षेत्रों के धर्म गुरुओं के साथ संवाद करने का निर्देश दिया गया है।

गणेश ने बताया था कि पूरे शहर को सेक्टर में विभाजित कर सभी सेक्टर में आवश्यकतानुसार पुलिस बल की तैनाती की गई है। संवेदनशील इलाकों में फ्लैग मार्च और पैदल गश्त का निर्देश दिया गया है।

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