प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी

नई दिल्ली/दक्षिण भारत। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को फिक्की के 93वें वार्षिक सम्मेलन को डिजिटल माध्यम से संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि सरकार नीति और नीयत से, पूरी तरह किसानों के हित में काम करने के लिए प्रतिबद्ध है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि इस साल जनवरी, फरवरी के समय हम एक अज्ञात दुश्मन से लड़ रहे थे। सभी को बड़ी चिंता थी कि हालात कैसे ठीक होंगे। दुनिया का हर मानव इसी चिंता में था। लेकिन दिसंबर आते-आते स्थिति बदली नजर आ रही है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि इस महामारी के समय भारत ने अपने नागरिकों के जीवन को सर्वोच्च प्राथमिकता दी, ज्यादा से ज्यादा लोगों का जीवन बचाया। आज इसका नतीजा देश भी देख रहा है और दुनिया भी देख रही है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत ने जिस तरह बीते कुछ महीनों में एकजुट होकर काम किया, नीतियां बनाईं, निर्णय लिए हैं, स्थितियों को संभाला है। उसने पूरी दुनिया को चकित करके रख दिया है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि पिछले छह वर्षों में भारत ने भी ऐसी ही सरकार देखी है, जो सिर्फ और सिर्फ 130 करोड़ देशवासियों के सपनों को समर्पित है। जो हर स्तर पर देशवासियों को आगे ले जाने के लिए काम कर रही है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि एग्रीकल्चर सेक्टर और उससे जुड़े अन्य सेक्टर जैसे एग्रीकल्चर इंफ्रास्ट्रक्चर हो, फूड प्रोसेसिंग हो, स्टोरेज हो, कोल्ड चैन हो इनके बीच हमने दीवारें देखी हैं।

इन रिफॉर्म्स के बाद किसानों को नए बाजार मिलेंगे, नए विकल्प मिलेंगे, टेक्नोलॉजी का लाभ मिलेगा, देश का कोल्ड स्टोरेज इंफ्रास्ट्रक्चर आधुनिक होगा। इन सबसे कृषि क्षेत्र में ज्यादा निवेश होगा। इन सबका सबसे ज्यादा फायदा मेरे देश के किसान को होने वाला है। अब सभी दीवारें हटाई जा रही हैं, सभी अड़चनें हटाई जा रही हैं।

पीएम-वाणी योजना के तहत देशभर में सार्वजनिक वाईफाई हाॅटस्पाॅट का नेटवर्क तैयार किया जाएगा। इससे गांव-गांव में कनेक्टिविटी का व्यापक विस्तार होगा। मेरा आपसे आग्रह है कि रूरल और सेमी रूरल क्षेत्रों में बेहतर कनेक्टिविटी के इन प्रयासों में भागीदार बनें।

प्रधानमंत्री ने कहा कि ये निश्चित है कि 21वीं सदी के भारत की ग्रोथ को गांव और छोटे शहर ही सपोर्ट करने वाले हैं। आप जैसे उद्यमियों को गांव और छोटे शहरों में निवेश का मौका बिल्कुल नहीं गंवाना चाहिए।

प्रधानमंत्री ने कहा कि देश के कृषि क्षेत्र को मजबूत करने के लिए बीते वर्षों में तेजी से काम किए गए हैं। उससे भारत का एग्रीकल्चर सेक्टर पहले से कहीं अधिक वाइब्रेंट हुआ है। आज भारत के किसानों के पास अपनी फसल मंडियों के साथ ही बाहर भी बेचने का विकल्प है।

आज भारत मे मंडियों का आधुनिकीकरण तो हो ही रहा है, किसानों को डिजिटल प्लेटफार्म पर फसल बेचने और खरीदने का भी विकल्प दिया है। इन सारे प्रयासों का लक्ष्य यही है कि किसानों की आय बढ़े, देश का किसान समृद्ध हो। जब देश का किसान समृद्ध होगा तो देश भी समृद्ध होगा।