प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी

नई दिल्ली/भाषा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कर व्यवस्था को और बेहतर बनाने के इरादे से बृहस्पतिवार को ‘पारदर्शी कराधान – ईमानदार का सम्मान’ मंच की शुरुआत की। इसे कर सुधारों की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

प्रधानमंत्री ने करदाताओं के लिए चार्टर (अधिकार पत्र) का भी ऐलान किया। उन्होंने देशवासियों से आगे बढ़कर ईमानदारी के साथ कर देने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि 130 करोड़ लोगों के देश में मात्र डेढ़ करोड़ लोग ही कर देते हैं।

उन्होंने कहा, ‘आज से शुरू हो रहीं नई व्यवस्थाएं, नई सुविधाएं न्यूनतम सरकार, कारगर शासन के प्रति हमारी प्रतिबद्धता को मजबूत करती है, ये देशवासियों के जीवन में सरकार के दखल को कम करने की दिशा में एक बड़ा कदम है।’

वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए आयोजित इस कार्यक्रम में प्रधानमंत्री ने कहा कि अब कर प्रणाली ‘फेसलेस’ हो रही है, यह करदाता के लिए निष्पक्षता और एक भरोसा देने वाला है।

उन्होंने कहा, ‘कर मामलों में बिना आमना-सामना के अपील (फेसलेस अपील) की सुविधा 25 सितंबर यानी दीन दयाल उपाध्याय के जन्मदिन से पूरे देशभर में नागरिकों के लिए उपलब्ध होगी।’

प्रधानमंत्री ने कहा कि देश का ईमानदार करदाता राष्ट्रनिर्माण में बहुत बड़ी भूमिका निभाता है, जब देश के ईमानदार करदाता का जीवन आसान बनता है, वो आगे बढ़ता है, तो देश का भी विकास होता है।

टैक्स चार्टर की घोषणा करते हुए उन्होंने कहा, ‘इसके जरिए उचित, विनम्र और तर्कसंगत व्यवहार का भरोसा दिया गया है यानी आयकर विभाग को अब करदाता के मान-सम्मान, संवेदनशीलता के साथ ध्यान रखना होगा।’ प्रधानमंत्री ने करदाताओं से आगे बढ़कर ईमानदारी के साथ कर देने का भी आह्वान किया।