विशेष लोक अभियोजक उज्ज्वल निकम
विशेष लोक अभियोजक उज्ज्वल निकम

मुंबई/भाषा। विशेष लोक अभियोजक उज्ज्वल निकम ने शनिवार को कहा कि मुंबई आतंकवादी हमले में संलिप्तता के आरोप में अमेरिका में फिर से गिरफ्तार किए गए पाकिस्तानी मूल के कनाडाई कारोबारी तहव्वुर राणा के प्रत्यर्पण से आईएसआई की गतिविधियों के बारे में और जानकारी मिलेगी।

राणा के प्रत्यर्पण को लेकर भारत के अनुरोध के बाद उसे 10 जून को लॉस एंजिलिस में दोबारा गिरफ्तार किया गया। भारत ने राणा को भगोड़ा घोषित कर रखा है। मुंबई हमलों के मामले में विशेष लोक अभियोजक निकम ने कहा कि राणा पर भारत में आतंकवादी गतिविधियों को अंजाम देने के लिए बड़ा आपराधिक षड्यंत्र रचने का आरोप है।

निकम ने कहा, ‘पाकिस्तानी-अमेरिकी आतंकवादी डेविड कोलमैन हेडली ने यहां वीडियो लिंक के माध्यम से अदालत के समक्ष अपने बयान में स्वीकार किया था कि राणा को 26/11 मुंबई हमलों के पूरे आपराधिक षड्यंत्र की जानकारी थी।’उन्होंने कहा, ‘हेडली ने यह भी स्वीकार किया था कि राणा उसे वित्तीय मदद दिया करता था।’

निकम के अनुसार हेडली ने लश्कर-ए-तैयबा की आतंकवादी गतिविधियों और आईएसआई से उसके संबंधों के बारे में उस समय ‘सनसनीखेज खुलासे’ किए थे। उन्होंने कहा, ‘राणा के प्रत्यर्पण से आईएसआई की गतिविधियों के बारे में और जानकारी मिलेगी।’

उल्लेखनीय है कि राणा (59) को अनुकंपा के आधार पर हाल में अमेरिका की जेल से रिहा किया गया था। उसने अदालत को बताया था कि वह कोरोना वायरस से संक्रमित पाया गया है। इसके बाद उसे रिहा कर दिया गया था, लेकिन 10 दिन पहले उसे पुन: गिरफ्तार कर लिया गया।

यहां एक विशेष अदालत ने 28 अगस्त, 2018 को राणा के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किया था। मुंबई में नवंबर 2008 में हुए आतंकवादी हमलों में 166 लोग मारे गए थे।