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प्रधानमंत्री ने मणिपुर में 4,800 करोड़ रु. से ज्यादा लागत की 22 विकास परियोजनाओं का उद्घाटन, शिलान्यास किया
'अब से कुछ दिन बाद 21 जनवरी को मणिपुर को राज्य का दर्जा मिले 50 साल पूरे हो जाएंगे'
 
प्रधानमंत्री ने कहा कि आपको यह याद रखना होगा कि कुछ लोग सत्ता पाने के लिए मणिपुर को फिर से अस्थिर करना चाहते हैं

इम्फाल/दक्षिण भारत। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को मणिपुर में यहां 4,800 करोड़ रुपए से अधिक लागत वाली 22 विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया। ये परियोजनाएं सड़क निर्माण, पेयजल आपूर्ति, स्वास्थ्य, शहरी विकास, आवास, सूचना प्रौद्योगिकी, कौशल विकास, कला और संस्कृति जैसे विविध क्षेत्रों से संबंधित हैं।

प्रधानमंत्री ने कहा कि अब से कुछ दिन बाद 21 जनवरी को मणिपुर को राज्य का दर्जा मिले 50 साल पूरे हो जाएंगे। देश इस समय अपनी आजादी के 75 वर्ष पर अमृत महोत्सव भी मना रहा है। यह समय अपने आप में बहुत बड़ी प्रेरणा है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि मैंने पहले भी कहा है कि देश का पूर्वी हिस्सा भारत के विकास का प्रमुख स्रोत बनेगा। आज हम देख रहे हैं कि किस तरह मणिपुर और नॉर्थ-ईस्ट भारत के भविष्य में नए रंग भर रहा है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि आज जिन योजनाओं का शिलान्यास और लोकार्पण हुआ है, उनके साथ ही मैं आज मणिपुर के लोगों का फिर से धन्यवाद भी करूंगा। आपने मणिपुर में ऐसी स्थिर सरकार बनाई जो पूरे बहुमत से, पूरे दमखम से चल रही है। यह आपके एक वोट के कारण हुआ।

प्रधानमंत्री ने कहा कि यह सब आपके एक वोट की ताकत है, जिसकी वजह से मणिपुर के 6 लाख परिवारों को पीएम गरीब कल्याण योजना के अंतर्गत मुफ्त राशन का लाभ मिल रहा है।पीएम आवास योजना के तहत करीब 80 हजार घरों को स्वीकृति मिली है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि मैं जब प्रधानमंत्री नहीं बना था, उससे पहले भी अनेक बार मणिपुर आया था। मैं जानता था कि आपके दिल में किस बात का दर्द है। इसलिए 2014 के बाद मैं दिल्ली को, भारत सरकार को आपके दरवाजे पर लेकर आ गया।

प्रधानमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार की सात वर्षों की मेहनत पूरे नॉर्थ-ईस्ट में दिख रही है, मणिपुर में दिख रही है। आज मणिपुर बदलाव का एक नई कार्य-संस्कृति का प्रतीक बन रहा है। ये बदलाव हैं- मणिपुर के कल्चर के लिए, केयर के लिए।

प्रधानमंत्री ने कहा कि पहले लोग पूर्वोत्तर आना चाहते थे,  लेकिन यहां पहुंचेंगे कैसे, ये सोचकर ही रुक जाते थे। इससे यहां के पर्यटन क्षेत्र को बहुत नुकसान होता था। लेकिन अब पूर्वोत्तर के शहर ही नहीं, बल्कि गांवों तक पहुंचना भी आसान हो रहा है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि आपको यह याद रखना होगा कि कुछ लोग सत्ता पाने के लिए मणिपुर को फिर से अस्थिर करना चाहते हैं। ये लोग उम्मीद लगाए बैठे हैं कि कब उन्हें मौका मिले और कब वो अशांति का खेल खेलें। लेकिन मणिपुर के लोग इन्हें पहचान चुके हैं। 

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