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आज भारत माता का अखंड स्वरूप केवल सरदार पटेल के कर्म का नतीजा: शाह
केवड़िया किसी जगह का नाम नहीं है, यह तीर्थ स्थान बन गया है
 
सदियों में कोई एक सरदार बन पाता है, वो एक सरदार सदियों तक अलख जगाता है

केवड़िया/दक्षिण भारत। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने रविवार को गुजरात के केवड़िया में ‘स्टैच्यू ऑफ यूनिटी’ पर राष्ट्रीय एकता के प्रतीक सरदार वल्लभभाई पटेल की जयंती पर उन्हें नमन किया। 

उन्होंने सार्वजनिक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि देश के प्रथम गृह मंत्री और लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल के जन्म दिन को राष्ट्रीय एकता दिन के रूप में मनाने की जो परंपरा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुरू की है, उसे हम आगे बढ़ा रहे हैं।

शाह ने कहा कि आज सरदार पटेल की जन्म जयंती है। मैं पूरे देश में करोड़ों देशवासियों को बताना चाहता हूं कि 'सदियों में कोई एक सरदार बन पाता है, वो एक सरदार सदियों तक अलख जगाता है।'

शाह ने कहा कि सरदार पटेल की दी हुई प्रेरणा ने ही आज देश को एक और अक्षुण्ण रखने का कार्य किया है। आज उनकी प्रेरणा देश को आगे ले जाने में, हमें एकजुट रखने में सफल हुई है।

शाह ने कहा कि केवड़िया किसी जगह का नाम नहीं है, यह तीर्थ स्थान बन गया है। राष्ट्र की एकता का तीर्थ स्थान, देश भक्ति का तीर्थ स्थल और आज यह आसमान को छूने वाली स्टैच्यू ऑफ यूनिटी पूरी दुनिया को संदेश दे रही है कि भारत का भविष्य उज्ज्वल है।

शाह ने कहा कि हरिवंश राय बच्चन ने सरदार साहब के लिए एक कविता लिखी थी- 'पटेल देश का निगहबान है, पटेल देश की निडर जबान है।' किसी भी बात को बेबाक तरीके से रखने में जरा भी झिझकते नहीं थे, इसलिए आज जब भारत माता का अखंड स्वरूप देख रहे हैं वो केवल और केवल सरदारजी के कर्म का ही नतीजा है।

शाह ने कहा कि जब देश में 2014 में बदलाव हुआ, मोदी के नेतृत्व में सरकार बनी तब 31 अक्टूबर को राष्ट्रीय एकता दिवस के रूप में मनाने का निर्णय लिया गया। यह इसलिए किया गया कि वर्षों तक आजादी के लिए सरदार पटेल ने जो संघर्ष किया, वो देश की युवा पीढ़ी को प्रेरणा देता रहे।

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