logo
बेंगलूरुः गूगल की मदद से भारी यातायात से मिलेगी निजात
बेंगलूरु यातायात पुलिस ने तकनीकी दिग्गज गूगल से हाथ मिलाया है
 
यह पहल करने वाला भारत में पहला शहर है

बेंगलूरु/दक्षिण भारत। बेंगलूरु में बड़ी संख्या में वाहनों के कारण यातायात अवरुद्ध होने से लोगों को राहत देने और यातायात प्रबंधन को आसान बनाने के लिए बेंगलूरु यातायात पुलिस ने तकनीकी दिग्गज गूगल से हाथ मिलाया है। यह पहल करने वाला वह भारत में पहला शहर है। बेंगलूरु के पुलिस आयुक्त प्रताप रेड्डी ने इस संबंध में जानकारी दी है।

पुलिस आयुक्त ने कहा कि हमें शहर में यातायात की भीड़ को कम करने और आसान प्रबंधन पर काम करने के लिए गूगल के साथ साझेदारी करने पर गर्व है। उन्होंने बताया कि इससे आवागमन करने वाले लाखों लोगों को राहत मिलेगी।

पुलिस आयुक्त ने बताया कि हाल में ट्रैफिक लाइट कॉन्फ़िगरेशन को अनुकूलित करने के लिए गूगल के साथ एक पायलट प्रोजेक्ट शुरू किया गया है। इससे लोगों के लिए सिग्नल वेटिंग टाइम पहले ही कम हो गया है।

उन्होंने बताया कि गूगल ड्राइविंग ट्रेंड को ट्रैक करने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का उपयोग करता है और यह यातायात पुलिस के लिए दिन के लिए संशोधित योजना की सिफारिश करेगा।

गूगल द्वारा उपलब्ध कराए गए आंकड़ों के अनुसार, इससे सड़क पर यात्रियों के लिए प्रतीक्षा समय में औसतन 20 प्रतिशत की कमी आई है। इससे न सिर्फ समय, बल्कि ईंधन की भी बचत होगी। शहर में अनावश्यक ट्रैफिक जाम से बचा जा सकेगा।

उन्होंने कहा कि इससे जल्द ही शहर में कम से कम एक करोड़ वाहनों पर असर देखने को मिलेगा। इससे लोगों को यह भी सूचना मिल सकेगी कि किस समय कहां यातायात ज्यादा या अवरुद्ध है। यही नहीं, जो लोग निर्धारित स्पीड को पार करेंगे, उन पर भी नज़र रखी जा सकेगी।

बता दें कि जून में बेंगलूरु दौरे पर आए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 40 महीने की समय सीमा निर्धारित की थी, जिसमें कर्नाटक सरकार को शहर में विभिन्न ढांचागत परियोजनाओं को लागू करके भारी यातायात को कम करना है।

<