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तमिलनाडु में मेगा टीकाकरण अभियान के लिए लोगों का कम रुझान
कोरोना के खिलाफ टीकाकरण को बढ़ावा देने के लिए स्वास्थ्य विभाग द्वारा कई जागरूकता अभियान के बावजूद मेगा टीकाकरण अभियान में कम लोग आए
 
पिछले कुछ दिनों से कुछ जिलों में मामलों में मामूली वृद्धि देखी जा रही है

चेन्नई/दक्षिण भारत। तमिलनाडु में रविवार को 37वें मेगा टीकाकरण अभियान के तहत 50,000 जगहों पर टीके लगाए गए। स्वास्थ्य मंत्री सुब्रमण्यम ने टी नगर में अभियान का निरीक्षण किया।

कोरोना के खिलाफ टीकाकरण को बढ़ावा देने के लिए स्वास्थ्य विभाग द्वारा कई जागरूकता अभियान के बावजूद मेगा टीकाकरण अभियान में कम लोग आए।

पिछले कुछ दिनों से कुछ जिलों में मामलों में मामूली वृद्धि देखी जा रही है। खासकर चेन्नई में फिर से 100 का आंकड़ा पार करने के बाद संख्या बढ़ रही है।

37वें मेगा टीकाकरण अभियान में दोपहर एक बजे तक कुल 3.59 लाख टीकों की खुराक दी गई। इसमें से राज्य में कम से कम 2.65 लाख टीकों की एहतियाती बूस्टर खुराक दी गई।

तमिलनाडु में 18 वर्ष से अधिक आयु के 96 प्रतिशत लोगों को कोविड-19 टीकों की पहली खुराक का टीका लगाया गया है और 91.10 प्रतिशत ने दोनों खुराक ली हैं। छत्तीस मेगा टीकाकरण शिविरों में अब तक 5.34 करोड़ टीकों की खुराक दी जा चुकी है।

एहतियाती बूस्टर खुराक टीकाकरण कम रहता है। राज्य में लक्षित लाभार्थियों में से केवल 19 प्रतिशत का ही टीकाकरण किया गया है। स्वास्थ्य विभाग राज्यभर में मुफ्त एहतियाती बूस्टर खुराक को बढ़ावा देने के लिए मेगा टीकाकरण अभियान चला रहा है। हालांकि, इसके प्रति लोगों का रुझान कम रहा है।

स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि 30 सितंबर से पहले केवल एक मेगा टीकाकरण अभियान बचा है। हम 25 सितंबर के मेगा टीकाकरण अभियान में बिना टीकाकरण वाले लोगों से टीका लगवाने का आग्रह करते हैं, जो संभवतः अंतिम मेगा टीकाकरण अभियान होगा।

तमिलनाडु के सभी सरकारी अस्पताल विभिन्न आयु समूहों के लिए आवश्यक टीकाकरण को लेकर विज्ञापन प्रदर्शित करेंगे।

मंत्री ने कहा, सरकारी अस्पताल हर बुधवार को टीकाकरण कार्यक्रम के अनुसार सभी गर्भवती महिलाओं और 16 साल तक के बच्चों को विभिन्न बीमारियों के लिए टीकाकरण करेंगे। सभी सरकारी स्कूल प्रत्येक गुरुवार को छात्रों को टीके लगाएंगे।

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