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बोम्मई की दिल्ली यात्रा के दौरान भाजपा आलाकमान से मिलने की फिलहाल कोई योजना नहीं
कर्नाटक में अगले साल चुनाव होने हैं
 
बोम्मई ने पत्रकारों से कहा, मैं कल रात दिल्ली जा रहा हूं, 30 अप्रैल को सभी राज्यों के मुख्यमंत्रियों और मुख्य न्यायाधीशों का सम्मेलन है, मैं उसमें शामिल होऊंगा और वापस आऊंगा

बेंगलूरु/भाषा। कर्नाटक में मंत्रिमंडल विस्तार में देरी को लेकर भाजपा नेताओं के एक वर्ग में असंतोष के संकेतों के बीच मुख्यमंत्री बसवराज बोम्मई ने बृहस्पतिवार को कहा कि उनकी 30 अप्रैल को दिल्ली यात्रा के दौरान पार्टी आलाकमान से मिलने की फिलहाल कोई योजना नहीं है।

कर्नाटक में अगले साल चुनाव होने हैं, लिहाज़ा मुख्यमंत्री पर अपने मंत्रिमंडल में विस्तार या फेरबदल करने का दबाव है।

बोम्मई ने पत्रकारों से कहा, मैं कल रात दिल्ली जा रहा हूं, 30 अप्रैल को सभी राज्यों के मुख्यमंत्रियों और मुख्य न्यायाधीशों का सम्मेलन है, मैं उसमें शामिल होऊंगा और वापस आऊंगा।

यह पूछे जाने पर कि क्या वह यात्रा के दौरान भाजपा आलाकमान के नेताओं से मिलेंगे, उन्होंने कहा, अब तक मैंने किसी से समय नहीं मांगा है। इस बारे में नहीं सोचा है। बाद में देखते हैं।

मंत्रिमंडल विस्तार में समय लगने के बीच सत्तारूढ़ भाजपा के भीतर असंतोष की आवाजें उठ रही हैं। पार्टी विधायक एम पी रेणुकाचार्य ने विस्तार में देरी और कुछ मंत्रियों के कार्य करने के तरीके पर बुधवार को खुलकर नाराजगी व्यक्त की।

मुख्यमंत्री के राजनीतिक सचिव रेणुकाचार्य ने कहा कि पार्टी के कई विधायकों की राय यही है और उन्हें लगता है कि अगर नए चेहरों को मंत्रिमंडल में शामिल किया जाता है, तो वे आक्रामक तरीके से काम करेंगे और 2023 के विधानसभा चुनाव से पहले भाजपा और सरकार का नाम रोशन करेंगे।

बोम्मई का कहना है कि वह मंत्रिमंडल विस्तार के लिए भाजपा के केंद्रीय नेतृत्व के निर्देश का इंतजार कर रहे हैं। राज्य मंत्रिमंडल में फिलहाल 29 मंत्री हैं, जिनमें मुख्यमंत्री भी शामिल हैं जबकि स्वीकृत संख्या 34 है।

कुछ विधायक विधानसभा चुनाव से पहले नए चेहरों के लिए मार्ग प्रशस्त करने के वास्ते कर्नाटक में भी गुजरात जैसे बदलाव की वकालत कर रहे हैं जहां पूरे मंत्रिमंडल को ही बदल दिया गया था।

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