बेंगलूरु/दक्षिण भारत
प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने धन शोधन निवारण अधिनियम, 2002 (पीएमएलए) के प्रावधानों के तहत भारतीय स्टेट बैंक की सुदामानगर शाखा में जमा चर्च ऑफ साउथ इंडिया ट्रस्ट एसोसिएशन (सीएसआईटीए) की 5.55 करोड़ रुपए की संपत्ति जब्त करने का आदेश जारी किया है। इसमें संस्था के नाम से फिक्स्ड डिपॉजिट भी शामिल है।

इस मामले की जांच पीएमएलए के प्रावधानों के तहत बेंगलूरु के अशोकनगर पुलिस स्टेशन में पंजीकृत एक प्राथमिकी के आधार पर शुरू की गई है। प्राथमिकी में सीएसआईटीए पर रक्षा विभाग की 7426.886 वर्ग मीटर भूमि बेईमानी से कर्नाटक सरकार के एक उपक्रम बेंगलूरु मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन लिमिटेड (बीएमआरसीएल) को हस्तांतरित करने की कोशिश का आरोप लगाया गया है। यह जमीन पहले ऑल सेंट्स चर्च को लीज पर दिया था।

इस भूखंड का वह हिस्सा जहां ऑल सेंट्स चर्च स्थित है, वर्ष 2019 में 59.29 करोड़ रुपए के ऐवज में बीएमआरसीएल को हस्तांतरित कर दिया गया था। बीएमआरसीएल ने कर्नाटक औद्योगिक क्षेत्र विकास बोर्ड (केआईएडीबी) के माध्यम से इस भूमि का अधिग्रहण किया था। जांच में पता चला कि भूमि का मूल अधिकार भारत सरकार का रक्षा मंत्रालय के पास था और केवल चर्च के धार्मिक मामलों के संचालन के लिए ऑल सेंट्स चर्च को पट्टे पर दी गई थी। भूमि का मालिकाना अधिकार कभी भी चर्च को हस्तांतरित नहीं किया गया था।

ईडी ने जांच के आधार पर माना कि सीएसआईटीए ने इस भूमि का मालिक नहीं होने के बावजूद अवैध रूप से रक्षा विभाग की जमीन बीएमआरसीएल को हस्तांतरित कर बीएमआरसीएल से 59.29 करोड़ रुपए प्राप्त किए। साथ ही ईडी ने पीएमएलए के तहत सीएसआईटीए से वसूली जानेवाली राशि पर ब्याज की वसूली करने के लिए सीएसआईटीए की संपत्ति की पहचान की है। मामले में आगे की जांच जारी है।