चीन ने साजिश रचकर बनाया, फिर दुनियाभर में फैलाया कोरोना; क्या बोले डॉ. फाउची?

फोटो स्रोतः PixaBay
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वॉशिंगटन/दक्षिण भारत। कोरोना वायरस के प्रसार के पीछे चीन की भूमिका संदेह के घेरे में रही है। अब अमेरिका के विख्यात महामारी विशेषज्ञ डॉ. एंथनी फाउची के बयान के बाद चीन के रवैए पर कई सवाल उठ रहे हैं। डॉ. फाउची ने कहा है कि कोरोना एक प्राकृतिक बीमारी है, इसे स्वीकार करना आसान नहीं है।

बता दें कि कोरोना महामारी से दुनियाभर में हुईं लाखों मौतों और करोड़ों की तादाद में संक्रमितों के आंकड़े के मद्देनजर यह संदेह जताया जा रहा है कि उक्त वायरस चीन ने अपनी प्रयोगशाला में बनाया है और एक हथियार के तौर पर इसका इस्तेमाल किया है।

इस पर महामारी विशेषज्ञ डॉ. फाउची से सवाल किया गया कि क्या वे इस बात पर यकीन करते हैं कि कोरोना वायरस प्राकृतिक रूप से ही अस्तित्व में आया, तो उन्होंने इस अवधारणा पर सहमति जताने से इन्कार कर दिया। डॉ. फाउची ने इस बात पर जोर दिया कि इसकी जांच होनी शेष है कि चीन में किस वजह से कोरोना वायरस ने दस्तक दी।

डॉ. फाउची के बयान ने उन चर्चाओं को बल दिया है जिनके मुताबिक यह चीन के दुष्टतापूर्ण इरादों की झलक है। डॉ. फाउची ने ऐसी जांचों का उल्लेख करते हुए कहा कि इस पर जांच करने की जरूरत है, जिससे मालूम हो सके कि वायरस मूलत: कहां से आया।

यह बताना जरूरी है कि कोरोना वायरस के संबंध में कई दावे सामने आए हैं। उनमें से कुछ में इस बात को नकारा गया है कि यह प्रयोगशाला से फैला है। हालांकि वायरस के प्रसार के बाद चीन का जो रवैया दुनिया ने देखा, उसके आधार पर इस तथ्य को ज्यादा बल मिलता है कि इसके पीछे कहीं न कहीं ड्रैगन के कपटपूर्ण इरादे थे। कई विशेषज्ञों ने इसके लिए चीन को सीधे जिम्मेदार ठहराया है।