संयुक्त राष्ट्र ने भी माना आभार, शांति सैनिकों के लिए 2 लाख वैक्सीन देकर जीवनदाता बना भारत

प्रतीकात्मक चित्र। फोटो स्रोत: PixaBay
प्रतीकात्मक चित्र। फोटो स्रोत: PixaBay

संयुक्त राष्ट्र/दक्षिण भारत। कोरोना काल में भारत संयुक्त राष्ट्र के शांति सैनिकों के लिए भी जीवनदाता बनकर उभरा है। ये शांति सैनिक संयुक्त राष्ट्र के विभिन्न अभियानों के तहत उन इलाकों में जाकर शांति स्थापित करते हैं, जहां किसी कारण से हालात बेकाबू हो रहे हैं।

भारत ने इन शांति सैनिकों के लिए कोरोना रोधी टीकों की 2,00,000 खुराकें उपहार में दी हैं। इसके लिए शांति रक्षक अभियानों के प्रमुख सहित संयुक्त राष्ट्र के शीर्ष अधिकारियों ने भारत का आभार जताया है।

उन्होंने कहा कि भारत की ओर से यह दान शांति सैनिकों को अपने जीवन-रक्षक कार्य को सुरक्षित तरीके से जारी रखने में सक्षम करेगा। इस संबंध में शांति रक्षा अभियानों के अवर महासचिव जीन-पियरे लैक्रोइक्स और संचालन सहायता अवर महासचिव अतुल खरे ने भारत की भूमिका को सराहा।

लैक्रोइक्स ने कहा, ‘सभी शांति सैनिकों को कोरोना रोधी टीका लगाना संयुक्त राष्ट्र की एक बड़ी प्राथमिकता है ताकि उसके कर्मी अपने महत्वपूर्ण कार्य, कमजोर समुदायों की रक्षा करना जारी रख सकें।’

लैक्रोइक्स ने कहा, ‘भारत शांति व्यवस्था का एक पुराना और दृढ़ समर्थक रहा है। मैं भारत की सरकार और लोगों को धन्यवाद देना चाहता हूं, जिन्होंने हमारे शांति सैनिकों की सुरक्षा के लिए कोविड-19 टीके का उदारतापूर्वक दान किया है और उन्हें सुरक्षित तरीके से अपने जीवन रक्षक कार्य को जारी रखने में सक्षम किया है।’

वहीं, अतुल खरे ने भी भारत के योगदान की तारीफ की। बता दें कि ये दो लाख खुराकें शनिवार को मुंबई भेजी गईं। ये यहां से डेनमार्क के कोपेनहेगन जाएंगी। वहां से उनका रक्षा अभियानों के लिए वितरण होगा।