राहुल का कांग्रेस से हुआ मोहभंग, बोले: भाजपा की टिकट पर लड़ूंगा 2024 का चुनाव

कांग्रेस नेता राहुल गांधी। फोटो स्रोत: ट्विटर अकाउंट।
कांग्रेस नेता राहुल गांधी। फोटो स्रोत: ट्विटर अकाउंट।

नई दिल्ली/दक्षिण भारत। कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने एक धमाकेदार ऐलान किया है। उन्होंने कहा कि आखिर वह दिन आ ही गया जब वे अपने ‘मन की बात’ सबके सामने कहना चाहते हैं। यहां अपने आवास पर होली मिलन समारोह के दौरान पत्रकारों से बातचीत करते हुए राहुल ने कहा कि वे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से बहुत प्रभावित हैं और साल 2024 का लोकसभा चुनाव भाजपा की टिकट पर लड़ना पसंद करेंगे।

राहुल के मुख से ये शब्द सुनकर सन्नाटा छा गया और वहां मौजूद कांग्रेस नेता चकरा गए। राहुल यहीं नहीं रुके, उन्होंने जोर देकर कहा कि अब बर्दाश्त करना उनके बूते से बाहर हो गया है। जबसे केंद्र की राजनीति में मोदी का उदय हुआ है, कांग्रेस के बड़े-बड़े योद्धा बेबस नजर आने लगे हैं।

जब एक संवाददाता ने राहुल से पूछा, क्या आपको ऐसा नहीं लगता कि यह फैसला लेने में आपने बड़ी देर कर दी? इस पर राहुल ने कहा, हां, मुझे भी अब ऐसा ही लगता है। जब मेरे अजीज दोस्त ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कांग्रेस छोड़ी थी तो उन्होंने मुझे मनाने की बहुत कोशिश की थी। उन्होंने टिकट तक का ऑफर दिया था। यह तो मेरी ही गलती थी जो उस वक्त नहीं माना। वैसे मुझे खुशी है कि मेरा दोस्त सही जगह चला गया है।

इस दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा चुनाव प्रचार का जिक्र हुआ तो राहुल बोले, उनकी रैलियोंं में उमड़ती भीड़ देख कांग्रेस के बड़े-बड़े धुरंधरों के तोते उड़ जाते हैं। एक बार तो मैंने भी कांग्रेस की बैठक में मोदी की रैली का वीडियो देख उनके समर्थन में नारे लगा दिए थे। इससे कांग्रेसी बड़े नाराज हुए और बोले- अब यही दिन देखना बाकी था!

संवाददाताओं से बातचीत करते हुए राहुल ने एक और बड़ा रहस्योद्घाटन किया। उन्होंने कहा कि होली की ‘राम-राम’ करते समय उन्होंने सिंधिया से कहा है कि मोदी के सामने उनकी बात चलाएं। अगर वर्ष 2024 के आम चुनावों के लिए टिकट का जुगाड़ हो जाए तो क्या कहने!

राहुल ने कहा बताया, मैंने वादा किया है कि अगर मोदी आगामी लोकसभा चुनाव के लिए टिकट का भरोसा दिलाएं तो वे बनारस में स्वयं उनका प्रचार करने उतरेंगे। इसके लिए सबसे पहले गंगा में डुबकी लगाएंगे, बाबा विश्वनाथ की पूजा करेंगे फिर मतदाताओं से संपर्क करेंगे। भक्ति की भक्ति, प्रचार का प्रचार।

हालांकि राहुल के इस प्रस्ताव पर सिंधिया ने कहा बताया कि आप बनारस जाकर मोदी के पक्ष में प्रचार करने के बजाय किसी भी लोकसभा क्षेत्र में कांग्रेस उम्मीदवारों के लिए वोट मांगने पर जोर दें। सिंधिया ने इसका मर्म समझाते हुए कहा कि आप साल 2019 में जहां-जहां कांग्रेस उम्मीदवारों का प्रचार करने गए, वहां-वहां पार्टी का सूपड़ा साफ हो गया। कितनों की जमानत जब्त हो गई, कितनों के अरमानों पर पानी फिर गया। ऐसे में आप कांग्रेस में रहकर मोदी के लिए ज्यादा फायदेमंद हो सकते हैं।

राहुल ने ज्योतिरादित्य को कहा, कहीं तुम मुझे….तो नहीं समझते हो? यह कभी मत भूलो कि भाजपा को हर बड़ा चुनाव जिताने में जो मेरी भूमिका है उसके मुकाबले में कोई नहीं ठहरता। ज्योतिरादित्य ने मुस्कुरा कर बात को विराम दिया।

नोट: इस काल्पनिक समाचार को दिल पर लेने की जरूरत नहीं है। आज एक अप्रैल है, बस मजाकिया लहजे में लिखा है। ..तो बुरा न मानें। खुद हंसे और दूसरों को हंसाएं।