सांकेतिक तस्वीर
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नई दिल्ली/भाषा। बैंकों ने कर्ज किस्त भुगतान में दी गई राहत का फायदा उठा सकने वाले ठगों को लेकर ग्राहकों को सतर्क किया है। बैंकों ने ग्राहकों से कहा है कि वे ओटीपी और पिन जैसी संवदेनशील जानकारियां धोखेबाजों को बताने से बचें।

एक्सिस बैंक, भारतीय स्टेट बैंक समेत कई अन्य बैंकों ने पिछले कुछ दिन के दौरान ग्राहकों को इस बारे में एसएमएस और ईमेल भेजकर सतर्क किया है। उन्होंने ग्राहकों को ठगी के इस नए तरीके के बारे में बताते हुए कहा कि धोखेबाज तथा साइबर अपराधी लोगों की बैंकिंग जानकारियां हासिल करने के लिए ईएमआई राहत योजना का सहारा ले सकते हैं।

एक्सिस बैंक ने ग्राहकों को भेजे ईमेल में कहा कि धोखेबाजों ने बैंकिंग जानकारियां हासिल करने के लिए ठगी का नया तरीका अपनाया है। बैंक ने कहा, ‘ये ठग ईएमआई भुगतान टालने का जिक्र कर आपसे ओटीपी, सीवीवी, पासवर्ड और पिन आदि मांग सकते हैं। इनसे सतर्क रहिए। यदि आप ये जानकारियां बताएंगे तो आपको चूना लग सकता है।’

भारतीय स्टेट बैंक ने पांच अप्रैल को ट्वीट कर कहा कि साइबर अपराधी व ठग नए तरीके से लोगों को चूना लगा रहे हैं। इसे लेकर सतर्क और जागरूक रहिए। बैंक ने कहा, ‘इस तरीके में ग्राहकों के पास फोन आता है और उनसे कहा जाता है कि ईएमआई भुगतान टालने के लिए ओटीपी बताएं। जैसे ही आप ओटीपी बताते हैं, आपके खाते से पैसे निकाल लिए जाते हैं।’

उल्लेखनीय है कि कोरोना वायरस से फैली महामारी के मद्देनजर लोगों को नकदी की कमी के संकट से बचाने के लिए विभिन्न बैंकों ने ग्राहकों को तीन महीने तक कर्ज की किस्तें चुकाने से छूट दी है। इससे पहले भारतीय स्टेट बैंक ने पीएम-केयर्स कोष में योगदान का सहारा लेकर की जा सकने वाली धोखाधड़ी के बारे में भी ग्राहकों को सतर्क किया था।