अभिनेत्री कंगना रनौत
अभिनेत्री कंगना रनौत

मुंबई/भाषा। महाराष्ट्र सरकार ने कहा कि मुंबई पुलिस को अभिनेत्री कंगना रनौत पर लगाए गए मादक पदार्थों के सेवन के आरोप की जांच करने को कहा गया है। पुलिस की एंटी-नारकोटिक्स सेल ने यह जांच शुरू कर दी है। वहीं, इस बॉलीवुड अदाकारा ने मामले में कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी को घसीटते हुए कहा कि उन्हें हस्तक्षेप करना चाहिए और महिलाओं का उत्पीड़न रोकना चाहिए।

पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि मुंबई पुलिस को इस सिलसिले में राज्य के गृह विभाग से एक पत्र प्राप्त हुआ है जिसमें कंगना पर लगाए गए मादक पदार्थ के सेवन के आरोप की जांच करने को कहा गया है। महाराष्ट्र के गृह मंत्री अनिल देशमुख ने मंगलवार को कहा था कि मुंबई पुलिस अभिनेता अध्ययन सुमन के इन आरोपों की जांच करेगी कि कंगना मादक पदार्थों का सेवन करती थीं। देशमुख ने कहा था कि अभिनेता शेखर सुमन के बेटे अध्ययन ने एक साक्षात्कार में यह आरोप लगाया था।

कुछ साल पहले अध्ययन और कंगना के बीच संबंध थे। अधिकारी ने बताया कि शिवसेना विधायक प्रताप सरनाइक ने गृह विभाग को एक पत्र लिखकर अध्ययन के आरोप का जिक्र किया था। इस पत्र पर संज्ञान लेते हुए विभाग ने पुलिस से जांच करने को कहा है।

उल्लेखनीय है कि कंगना ने मुंबई की तुलना ‘पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर’ (पीओके) से की थी, उनकी यह टिप्पणी महाराष्ट्र में गठबंधन सरकार का नेतृत्व कर रही शिवसेना को नागवार गुजरी। इसके बाद, अभिनेत्री और मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे नीत शिवसेना के बीच जुबानी जंग छिड़ गई है।

उधर, मामले में कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी को घसीटते हुए कंगना ने कहा कि उनकी ‘चुप्पी और बेरुखी’ पर इतिहास फैसला करेगा। महाराष्ट्र में कांग्रेस, शिवसेना और राकांपा के साथ गठबंधन सरकार में शामिल है। अभिनेत्री ने ट्वीट किया, ‘‘प्रिय एवं सम्मानीय कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी, क्या एक महिला होने के नाते आपको महाराष्ट्र में आपकी सरकार द्वारा मेरे साथ किए गए व्यवहार पर गुस्सा नहीं आता? क्या आप अपनी सरकार से अनुरोध नहीं कर सकतीं, कि वह डॉ. आंबेडकर के दिए संविधान के सिद्धांतों को बरकरार रखे?’’

उन्होंने कहा कि गांधी पश्चिम में पली-बढ़ी हैं और भारत में रही हैं। वह महिलाओं के संघर्षों के बारे में जानती होंगी। कंगना ने एक अन्य ट्वीट किया, ‘जब आपकी अपनी सरकार महिलाओं का उत्पीड़न कर रही है और कानून-व्यवस्था का मजाक उड़ा रही है, तब ऐसे में आपकी चुप्पी एवं बेरुखी के लिए इतिहास आपके बारे में फैसला करेगा। मैं उम्मीद करती हूं कि आप हस्तक्षेप करेंगी।’

उल्लेखनीय है कि बृहन्मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) ने बुधवार को 33 वर्षीया अभिनेत्री के कार्यालय में किए गए कथित अवैध निर्माण को ढहा दिया था। अभिनेत्री ने बृहस्पतिवार को महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री पर निशाना साधा और उन पर सत्ता के दुरुपयोग का आरोप लगाते हुए कहा कि उनकी आवाज को दबाया नहीं जा सकता।

वहीं आज, केंद्रीय मंत्री रामदास आठवले ने महाराष्ट्र के राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी से मुलाकात की और अभिनेत्री कंगना रनौत के लिए ‘न्याय’ और मुआवजे का अनुरोध किया। आठवले ने कहा कि उन्होंने राज्यपाल से कहा कि कंगना को नोटिस जारी किया गया था और उसके 24 घंटे के भीतर ही शिवसेना द्वारा नियंत्रित बृहन्मुंबई नगर निगम (बीएमसी) ने बुधवार को कार्रवाई की जबकि कंगना शहर में नहीं थीं।

सामाजिक न्याय राज्य मंत्री ने एक दिन पहले कंगना से खार स्थित उनके आवास पर मुलाकात की थी और उनसे कहा था कि शहर में उन्हें डरने की जरूरत नहीं है। आठवले ने राज्यपाल से मुलाकात के बाद संवाददाताओं से कहा, ‘मैंने राज्यपाल के साथ (राजभवन में) 20-25 मिनट तक चर्चा की। हमने कंगना रनौत से जुड़े मुद्दे पर चर्चा की। उनके साथ अन्याय हुआ है।’

केंद्रीय मंत्री ने आरोप लगाया कि बीएमसी ने कार्रवाई के दौरान कंगना के कार्यालय में फर्नीचर को भी तोड़ दिया। नगर निकाय ने अपनी शक्तियों का दुरुपयोग किया। उन्होंने कहा, ‘मैंने राज्यपाल से यह सुनिश्चित करने का आग्रह किया कि कंगना को न्याय और मुआवजा मिले।’

वहीं, राकांपा अध्यक्ष शरद पवार ने शिवसेना नीत महाराष्ट्र सरकार का बचाव करते हुए कहा कि अभिनेत्री के कार्यालय में कथित अवैध हिस्से को ढहाए जाने से उसका कोई लेना-देना नहीं है और यह फैसला बीएमसी ने लिया था। उधर, महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने राज्य की शिवसेना नीत सरकार पर हमला बोलते हुए कहा, ‘आप दाऊद इब्राहीम का घर तोड़ने नहीं जाते, लेकिन आपने उनका (कंगना) घर तोड़ दिया।’

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार को लगता है कि कोरोना वायरस के खिलाफ उसकी लड़ाई खत्म हो गई है और केवल कंगना से युद्ध करना शेष बचा है।